Thursday, Feb 25, 2021
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bjp asked akhilesh yadav administrators appointed on panchayats in your time pragnt

पंचायत चुनाव को लेकर सपा और BJP आई आमने-सामने, प्रशासक नियुक्ति को लेकर भिड़ी पार्टियां

  • Updated on 12/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बीजेपी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी नेता ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से सवाल पूछा कि उनके कार्यकाल में पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने का क्या कारण था?

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बीजेपी नेता ने बोला हमला
इस मामले में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष, विधान परिषद सदस्य और पंचायत चुनाव के प्रदेश प्रभारी विजय बहादुर पाठक (Vijay Bahadur Pathak) ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सवाल किया, 'आपके समय में पंचायतों पर प्रशासक क्‍यों नियुक्‍त हुए थे, क्‍यों आपने अपने को अक्षम माना था, याद आ जाए तो सार्वजनिक कर दें।' '

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अखिलेश ने उठाए थे सवाल
दरअसल, अखिलेश यादव ने रविवार को ग्राम पंचायतें भंग करने पर सवाल उठाए थे। सपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर लिखा था, 'उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार ने बिना नए चुनाव कराये 'ग्राम पंचायतें' भंग कर दी हैं। बड़े-बड़े चुनाव तो हो रहे हैं लेकिन लोकतंत्र में जन प्रतिनिधित्व की सबसे छोटी इकाई के चुनावों के लिए सरकार अपने को अक्षम बता रही है, ऐसी सरकार उप्र क्या चलाएगी। बीजेपी लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट न करे।'

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अपने ट्वीट में UP शासन का आदेश भी जोड़ा
विजय बहादुर पाठक ने मंगलवार को अपने ट्वीट में उत्तर प्रदेश शासन का नवंबर 2015 का एक आदेश भी जोड़ा जिसमें पंचायती राज विभाग के तत्‍कालीन प्रमुख सचिव चंचल कुमार की ओर से प्रदेश के सभी विकास खंडों में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रशासक नियुक्‍त करते हुए ग्राम पंचायतों के विकास की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी। गौरतलब है कि तब उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव थे और तब भी पंचायत चुनाव देर से हुआ था। इस बार 25 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्‍त हो गया।

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ग्राम प्रधानों के खाता संचालन पर लगाए जाए रोक
इसके पहले 23 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश की निदेशक, पंचायती राज किंजल सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को सर्कुलर जारी कर निर्देश दिया था कि 25 दिसंबर के बाद से ग्राम प्रधानों के खाता संचालन पर रोक लगा दी जाए। इसके लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को अपने विकास खंड के सभी ग्राम प्रधानों के खाता संचालन पर रोक लगाने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी। प्रदेश में इस समय करीब 58 हजार ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधानों के पद खाली हो गए हैं और पिछले शनिवार से गांवों के विकास की जिम्‍मेदारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को मिल गई है।

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'BJP की लोकतांत्रिक मूल्‍यों में आस्‍था'
भाजपा प्रदेश उपाध्‍यक्ष विजय बहादुर पाठक ने कहा कि इस बार कोविड-19 के प्रकोप के चलते चुनाव में देरी हुई लेकिन अब सरकार छह माह के भीतर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और उसकी तैयारी चल रही है। सपा अध्‍यक्ष ने पंचायतों का चुनाव न कराये जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। अखिलेश के आरोप पर पाठक ने कहा, 'जो लोग लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई की दुहाई दे रहे हैं उन्‍होंने इस इकाई को अपने निज स्‍वार्थ के लिए कैसे रौंदा है, यह सभी जानते हैं। भाजपा की लोकतांत्रिक मूल्‍यों में आस्‍था है।'

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