Sunday, Nov 28, 2021
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जय शाह मानहानि केस के खिलाफ पोर्टल की अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

  • Updated on 7/26/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह द्वारा दायर मानहानि मामले में समाचार पोर्टल ‘द वायर’ और उसके पत्रकारों की याचिका पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। जय शाह ने कथित रूप से मानहानिकारक लेख लिखने के कारण इस पोर्टल और इसके पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर कर रखा है।

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न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ के समक्ष यह मामला सुनवाई के लिये आने पर याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि जय शाह ने दो मामले दायर किये हैं। पहला आपराधिक मानहानि का है और दूसरा एक सौ करोड़ रूपए का दीवानी वाद है।

सिब्बल ने कहा कि आपरााधिक मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने मानहानि की शिकायत निरस्त करने से इंकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की है। उन्होंने कहा कि दीवानी वाद में उच्च न्यायालय ने समाचार पोर्टल पर जय शाह के कारोबार से संबंधित कोई भी लेख प्रकाशित करने पर लगाये गये प्रतिबंध को बहाल कर दिया है। 

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सिब्बल ने कहा कि शीर्ष अदालत ने इससे पहले आपराधिक मामले में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी जबकि दीवानरी वाद मे संबंधित पक्षों ने लिखित कथन दाखिल कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में शीर्ष अदालत में विस्तार से विचार करने की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान पीठ ने इस मामले में निचली अदालत और उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने पहले आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।

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 पीठ ने सवाल किया, ‘‘निचली अदालत में (आपराधिक मानहानिक की शिकायत) की क्या स्थिति है?’’ इस पर जय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि ये मामले सुनवाई के लिये सूचीबद्ध हैं। संक्षिप्त सुनवाई के बाद पीठ ने कहा कि इस मामले को 27 अगस्त के लिये सूचीबद्ध कर दिया। जय शाह ने इस समाचार पोर्टल और लेख लिखने वाली रोहिणी सिंह सहित उसके पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी। रोहिणी सिंह, समाचार पोर्टल के संपादक सिद्धार्थ वद्र्धराजन, सिद्धार्थ भाटिया और एम के वेणु, प्रबंध संपादक मोनोबिना गुप्ता, लोक संपादक पामेला फिलिपोज और ‘द वायर’ का प्रकाशन करने वाली फाउण्डेशन फार इंडिपेन्डेन्ट जर्नलिज्म के खिलाफ शिकायत दायर की गयी थी।

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जय शाह ने निचली अदालत में दायर मामले में कहा था कि याचिकाकर्ताओं ने कथित रूप से उनकी मानहानि की है। समाचार पोर्टल ने लेख में दावा किया था कि 2014 में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद जय शाह के कारोबार में तेजी से वृद्धि हुयी है। जय शाह ने लेख मे लगाये गये सभी आरोपों का खंडन करते हुये कहा कि यह लेख झूठा, अपमानजनक और मानहानिकारक है। समाचार पोर्टल ने उस समय शीर्ष अदालत से कहा था कि सार्वजनिक रूप से इलेक्ट्रानिकल स्वरूप में उपब्ध रिकार्ड से लिया गया विवरण लेख में है।

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