Wednesday, Dec 07, 2022
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उत्तराखंड पेपर लीक मामले में बड़े अपराधियों को बचा रही सरकार, CBI जांच जरूरी: कांग्रेस

  • Updated on 9/20/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के उपनेता भुवन कापड़ी ने मंगलवार को राज्य सरकार पर यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में बड़े अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया और इसकी सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि एसटीएफ की जांच महज दिखावा है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा दिसंबर 2021 में आयोजित की गई थी। वर्तमान में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) अनियमितताओं की जांच कर रहा है।

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     खटीमा के विधायक कापड़ी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘घोटाले के संबंध में अब तक एसटीएफ ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, वे छोटे-मोटे आरोपी हैं, मुख्य अपराधी अब भी फरार हैं, क्योंकि उन्हें राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।’’ पेपर लीक घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय का रुख करने वाले कापड़ी ने कहा कि मानदंडों का घोर उल्लंघन करते हुए जिस तरह घोटाला हुआ और मामले में दो राज्यों-उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता जैसे कारकों के कारण शीर्ष एजेंसी द्वारा जांच जरूरी है।     

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उन्होंने कहा कि कुछ अन्य कारण भी हैं, जिसके कारण घोटाले की सीबीआई जांच जरूरी है। कापड़ी ने कहा कि आयोग द्वारा काली सूची में डाली गई कंपनी को कई परीक्षाओं का संचालन करने के लिए नियुक्त किया गया और 2019 में इसका अनुबंध खत्म होने के बाद भी इसे परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। कापड़ी ने कहा, ‘‘यह सब अनियमितताओं में तत्कालीन यूकेएसएसएससी सचिव, अध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक की प्रत्यक्ष संलिप्तता की ओर इशारा करता है, लेकिन वे अभी भी बाहर हैं।’’   

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  पूर्व यूकेएसएसएससी सचिव संतोष बडोनी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी समेत यूकेएसएसएससी के छह अधिकारियों की भूमिका को लेकर सतर्कता जांच के संबंध में कापड़ी ने कहा कि ऐसे समय जब एसटीएफ की जांच प्रगति पर है, पूर्व सचिव की भूमिका के बारे में सतर्कता जांच का जिम्मा सौंपना दर्शाता है कि राज्य सरकार के इरादे निष्पक्ष नहीं हैं। कापड़ी ने कहा, ‘‘एसटीएफ के पास सीमित शक्तियां हैं। यह छोटे-छोटे आरोपियों के पीछे भागता रहेगा और घोटाले में शामिल बड़े आरोपियों को कभी नहीं छुएगा। सीबीआई जांच से ही सच्चाई का पता चल सकता है।’’  

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    कापड़ी की एक जनहित याचिका पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय बुधवार को सुनवाई करेगा, जिसमें घोटाले की सीबीआई जांच का अनुरोध किया गया है। जनहित याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। उत्तराखंड विशेष कार्य बल वर्तमान में मामले की जांच कर रहा है और पेपर लीक घोटाले के सिलसिले में इसके मास्टरमाइंड सादिक मूसा और उसके करीबी योगेश्वर राव सहित 42 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुका है। कापड़ी ने इस साल फरवरी में राज्य विधानसभा चुनाव में खटीमा निर्वाचन क्षेत्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हराया था।     

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