Thursday, Jan 20, 2022
-->
bjp may be difficult in bengal weakness of congress left alliance prshnt

बंगाल में BJP को हो सकती है मुश्किल, कांग्रेस- वाम गठबंधन की कमजोरी से बढ़ेगी दिक्कतें

  • Updated on 3/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां चुनावी मौदान में कूद पड़ी हैं और जोरो से प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में मुकाबला कड़ा होता नजर आ रहा है। राज्य में होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सीधी टक्कर है। राज्य में त्रिकोणीय संघर्ष में अपने लिए बेहतर मौके तलाश रही भाजपा का अभियान तो जोरों पर है, लेकिन देखा जा रहा है कि जमीन पर कांग्रेस-वाममोर्चा गठबंधन की कमजोरी उसकी दिक्कत बढ़ा सकती है। तृणमूल कांग्रेस से सीधा मुकाबला होने पर भाजपा के दावे का गणित भी प्रभावित हो सकता है। 

प. बंगाल: दिहाड़ी मजदूर की पत्नी को BJP ने दिया टिकट, नहीं है शौचालय

तृणमूल कांग्रेस का घोषणापत्र
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को ‘विकासोन्मुखी’ घोषणापत्र जारी किया। मुख्यमंत्री ने इसमें सभी परिवारों के लिए आय योजना, छात्रों को क्रेडिट कार्ड और ओबीसी में कई समुदायों को शामिल करने के लिए एक कार्यबल का गठन करने का वादा किया है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान गरीबी 40 प्रतिशत तक घट जाने का दावा करते हुए घोषणापत्र में किसानों को वाॢषक वित्तीय सहायता 6,000 रुपये से बढ़ा कर 10,000 रुपये करने का भी वादा किया गया है।

ममता ने कहा, ‘‘पहली बार, बंगाल में हर परिवार को न्यूनतम आय प्राप्त होगी। इसके तहत, 1.6 करोड़ सामान्य श्रेणी के परिवारों को 500 रुपये प्रति महीना, जबकि एससी/एसटी श्रेणी में आने वाले परिवारों को 1,000 रुपये प्रति महीना मिलेगा। यह रकम सीधे परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में भेजी जाएगी। ’’मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाख की क्रेडिट सीमा के साथ छात्रों के लिए नयी कार्ड योजना लाई जाएगी और इस पर सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज देना होगा। 

विश्वविद्यालय की वीसी ने की शिकायत- ‘लाउडस्पीकर से अजान के कारण नहीं आती है नींद’

पिछड़े समुदाय के लोगों के लिए 12,000 रुपये की न्यूनतम सालाना आय
उन्होंने कहा, अगले पांच वर्षों में हम 10 लाख एमएसएमई(सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) इकाइयां तथा 2000 नयी बड़ी औद्योगिक इकाइयां लगाएंगे। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘महिष्या, तिली, तामुल और साहा जैसी उन सभी जातियों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का दर्जा दिलाने के लिए एक विशेष कार्यबल गठित करेंगे, जिन्हें ओबीसी के रूप में मान्यता नहीं प्राप्त है। हम भारत सरकार से महतो (जाति) को (एसटी) अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की सिफारिश करेंगे, उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में तराई और दुआर क्षेत्र के विकास के लिए एक विशेष विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा।

घोषणापत्र को जारी करते हुए ममता ने बताया, 'हमने बंगाल में गरीबी 40 प्रतिशत तक घटा दी है।' उन्होंने कहा कि बंगाल में हम सामान्य श्रेणी के लिए 6,000 रुपये और पिछड़े समुदाय के लोगों के लिए 12,000 रुपये की न्यूनतम सालाना आय सुनिश्चित करेंगे। वहीं उच्चतर शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को हम 10 लाख रुपये की खर्च सीमा वाला क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराएंगे, सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज देना होगा। हम किसानों के लिए सालाना वित्तीय सहायता 6,000 रुपये से बढ़ा कर 10,000 रुपये करेंगे।

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

comments

.
.
.
.
.