Saturday, Apr 20, 2019

पिता और बेटे के कांग्रेस में शामिल होने के कारण, भाजपा मंत्री अनिल शर्मा का इस्तीफा

  • Updated on 4/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा (Anil sharma) ने शुक्रवार को प्रदेश की भाजपा सरकार से त्यागपत्र दे दिया है। कुछ ही दिन पहले अनिल शर्मा के पिता और बेटे ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा लिया था। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने सुख राम (sukhram) के बेटे आश्रय शर्मा (Ashray Sharma) को मंडी से उम्मीदवार घोषित किया था। 

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बता दें कि अनिल शर्मा (Anil sharma) पर उनकी अपनी पार्टी का दवाब था, क्योंकि बीते दिन पहले उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुख राम ने आश्रय शर्मा (Ashray Sharma)  के साथ भाजपा (bjp)छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अनिल शर्मा ने उनके बेटे के खिलाफ मंडी से चुनाव ( mandi loksabha election )लड़ रहे, भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करने से मना कर दिया था और इस मुद्दे पर मंत्री पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी । 

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शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि यद्यपि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, लकिन वह भाजपा BJp में बने हुए हैं । शर्मा मंडी लोकसभा क्षेत्र के मंडी से विधायक हैं, और पार्टी चाहती थी कि वह लोकसभा प्रत्याशी राम स्वरूप शर्मा Rameshwar Sharma के पक्ष में प्रचार करें । 

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शर्मा ने कहा था कि वह अपने आपको मंडी प्रचार से दूर रखेगें और न तो वह बेटे के पक्ष में और न ही भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करेंगे ।

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