Sunday, Oct 02, 2022
-->
bjp mp rita bahuguna son mayank joshi joins sp ahead up seventh phase of voting rkdsnt

यूपी में सातवें चरण की वोटिंग से पहले BJP सांसद रीता बहुगुणा के पुत्र मयंक सपा में शामिल

  • Updated on 3/5/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के नाती और इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की सांसद रीता बहुगुणा जोशी के पुत्र मयंक जोशी शनिवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये। सात चरणों में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के अंतिम सातवें चरण के मतदान से दो दिन पहले शनिवार को मयंक जोशी ने आजमगढ़ में अखिलेश यादव की एक सभा में सपा की सदस्यता ग्रहण कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को झटका दिया है। हालांकि लखनऊ में चौथे चरण के मतदान से एक दिन पहले 22 फरवरी को मयंक जोशी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से शिष्टाचार भेंट किया था, इसके बाद से यह कयास लग रहे थे कि वह सपा में शामिल होंगे।   

NSE मामले में चित्रा रामकृष्ण को अदालत से नहीं मिली राहत, CBI की भी हुई खिंचाई

             समाजवादी पार्टी ने शनिवार को अपने आधिकारिक ट््िवटर हैंडल से मयंक के सपा में शामिल होने की जानकारी दी।  सपा के ट््वीट में कहा गया है कि‘‘उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी के नाती, युवा नेता मयंक जोशी आजमगढ़ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। आपका स्?वागत एवं धन्यवाद ।‘’  उधर मयंक जोशी के इस फैसले पर रीता बहुगुणा की ओर से सफाई दी गई है। उनके प्रवक्ता अभिषेक शुक्ल ने एक बयान में कहा कि प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी संसदीय समिति की बैठक में वर्तमान में त्रिपुरा में है और समाचारों के माध्यम से उन्हें संज्ञान में आया कि मयंक जोशी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।   

अमित शाह का दावा- भाजपा ने अपराधियों को राजनीति से हटाने का काम किया है

       उन्होंने कहा कि रीता जोशी ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और बताया कि वह भाजपा में ही रहेंगी, उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व पर आस्था एवं पूर्ण विश्वास है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मयंक जोशी को लखनऊ के कैंट विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से टिकट दिलाने के लिए रीता बहुगुणा प्रयासरत थीं लेकिन पार्टी ने यहां से कानून मंत्री ब्रजेश पाठक को उम्मीदवार घोषित कर दिया।    

निजी क्षेत्र को ट्रेन संचालन की इजाजत देने वाले प्रोजेक्ट पर अमिताभ कांत ने दी सफाई

  उत्?तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी रीता बहुगुणा जोशी 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुईं और लखनऊ के कैंट विधानसभा क्षेत्र में सपा उम्मीदवार अपर्णा यादव (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू) को हराकर चुनाव में विजयी हुईं। इसके बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भाजपा सरकार में मंत्री बनाई गई थी। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में रीता को इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने उम्मीदवार बनाया और वह चुनाव जीत गईं। रीता 2012 में भी कैंट क्षेत्र से कांग्रेस की विधायक थीं, इसलिए वह अपने बेटे को यहां से चुनाव लड़ाने के लिए भाजपा में प्रयासरत थीं।   

रूस-यूक्रेन संकट के कारण घरेलू इस्पात पांच हजार रुपये प्रति टन तक महंगा 

    उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया था कि बेटे को टिकट दिया जाए और पार्टी का निर्देश होगा तो वह सांसद का पद छोड़ देंगी, लेकिन भाजपा ने टिकट नहीं दिया। गौरतलब है कि मुलायम के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने चुनाव के दौरान ही दिल्ली में सपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली और यह दावा किया कि महिलाओं का सम्मान भाजपा में ही सुरक्षित है।     

मुंबई पुलिस का दावा -IPS रश्मि शुक्ला ने खड़से और राउत के फोन टैप करवाए

comments

.
.
.
.
.