Friday, Jan 28, 2022
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मोदी सरकार ने SC से कहा- जस्टिस कुरैशी को मुख्य न्यायाधीश बनाने का मुद्दा ‘विचाराधीन’

  • Updated on 7/22/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केन्द्र की मोदी सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अकील ए कुरैशी को मप्र उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का मामला उसके विचाराधीन है। केन्द्र ने इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिये न्यायालय से दो सप्ताह का वक्त देने का अनुरोध किया। 

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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ न्यायमूर्ति कुरैशी को शीर्ष अदालत की कॉलेजियम की सिफारिश के अनुसार मप्र उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने के लिये गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 

केन्द्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि ‘‘यह मामला विचाराधीन है’’ और उन्होंने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिये दो सप्ताह का वक्त देने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ता एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फाली नरीमन ने कहा कि उन्हें केन्द्र द्वारा समय मांगने पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यह भी तथ्य है कि मेमोरैण्डम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार केन्द्र की भूमिका सिर्फ ‘‘एक विशिष्ट संदेश प्रेषक की’’ और न्याय विभाग को सिर्फ नियुक्ति की घोषणा करनी है।

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 नरीमन ने मेमोरैण्डम ऑफ प्रोसीजर के प्रावधानों का हवाला देते हुये कहा कि कॉलेजियम द्वारा नाम की स्वीकृति दिये जाने के बाद उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामलों में केन्द्र की बहुत अधिक भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र को न्यायालय को यह बताना चाहिए कि क्या उसने मेमोरैण्डम ऑफ प्रोसीजर में निर्धारित प्रक्रिया के तहत गुजरात सरकार की राय मांगी थी। 

न्यायालय ने गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई दो अगस्त के लिये निर्धारित की है। इससे पहले, न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करने का निश्चय किया था। पीठ ने याचिकाकर्ता को इस याचिका की प्रति सॉलिसीटर जनरल को सौंपने का निर्देश दिया था ताकि वह इस मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त कर सकें।

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वकीलों के इस संगठन का आरोप है कि शीर्ष अदालत की कॉलेजियम द्वारा ग्रीष्मावकाश से पहले सिफारिश किये जाने के बावजूद केन्द्र ने न्यायमूर्ति कुरैशी की फाइल अभी तक अटका रखी है जबकि दूसरे उच्च न्यायालयों के लिये मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इस संगठन का कहना है कि केन्द्र ने न्यायमूर्ति कुरैशी को उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश को मंजूरी नहीं दी और सात जून को न्यायमूर्ति रवि शंकर झा को मप्र उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी।
 

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