Wednesday, Jan 26, 2022
-->
bjp on the tmc with the help of navratnas, bengal needs its daughter, not aunt prshnt

महिला नेत्रियों के सहारे BJP का TMC पर पलटवार, कहा- 'बंगाल को बेटी चाहिए, बुआ नहीं'

  • Updated on 2/27/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान होना है। तारिखों के ऐलान के बीच पश्चिम बंगाल की चुनावी जंग में बीजेपी को एक अदद चेहरे की कमी खल रही है। ऐसे में टीएमसी बार-बार बीजेपी से पूछती है कि वो अपना सीएम कैंडिडेट का नाम सामने रखें। टीएमसी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहती है कि बंगाल को अपनी बेटी चाहिए। टीएमसी के इस हमले का जवाब देते हुए बीजेपी ने बंगाल बीजेपी की महिला नेत्रियों सामने कर दिया है।

22 साल की लड़की को बंधक बनाकर 8 साल तक होता रहा रेप, बेचने की भी हुई कोशिश

बीजेपी ने अपनी महिला नेताओं को कहा बंगाल की बेटी
बंगाल बीजेपी ने अपनी नौ महिला नेताओं का पोस्टर जारी किया है और कहा है कि बंगाल को अपनी बेटी चाहिए बुआ नहीं। साथ ही पोस्टर में बंगाली भाषा के पिशी शब्द का इस्तेमाल किया गया है और इस पोस्टर में बीजेपी ने ममता बनर्जी को बुआ के तौर पर पेश किया है। इसमें बीजेपी ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पिशी-भायपो कहकर करती है। 

बीजेपी के इस पोस्टर में बीजेपी नेता देबोश्री चौधरी, लॉकेट चटर्जी, रूपा गांगुली, भारती घोष और अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेत्री शामिल हैं। बीजेपी ने इन नेताओं को बंगाल की बेटी बताया है।

राज्यों के विधानसभा चुनाव- कहीं सत्ता बचाने की तो कहीं गढ़ ढहाने की जंग

बंगाल को चाहिए अपनी बेटी का नारा
दरअसल टीएमसी ने बंगाल चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए बंगाल को चाहिए अपनी बेटी का नारा दिया था, इसके साथ टीएमसी ने ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। बता दें कि टीएमसी दिल्ली से प्रचार करने बंगाल आए नेताओं को बाहरी करार देती रही है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा था कि राज्य के लोग अपनी बेटी चाहते हैं जो पिछले कई साल से मुख्यमंत्री के रूप में उनके साथ हैं. हम बंगाल में किसी बाहरी को नहीं लाना चाहते हैं। टीएमसी के नेताओं का कहना है कि ये नेता चुनावी सैर सपाटे के लिए आए हैं। वहीं बीजेपी ने भी नेताओं की पूरी फौज उतार दी है। 

जानें पश्चिम बंगाल चुनाव के क्या है अहम फैक्टर, तय कर सकते हैं हार-जीत का समीकरण

294 सीटों पर होना है मतदान
बता दें कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव की तारीखें अब नजदीक आ रही हैं। यहां 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान होना है। एक अप्रैल को दूसरे फेज का मतदान, 6 अप्रैल को तीसरे फेज का मतदान, 10 अप्रैल को चौथे फेज का मतदान, 17 अप्रैल को पांचवे फेज का मतदान, 22 अप्रैल को छठे 22 अप्रैल को छठे फेज का मतदान, 26 अप्रैल को सातवें फेज का मतदान और 29 अप्रैल को आखिरी आठवें फेज का मतदान होगा। ऐसे में पहले से ही सभी पार्टियों की तैयारी जोरो पर है। बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें है। 

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.