Tuesday, Dec 06, 2022
-->
bjp-prakash-javadekar-slammed-uk-newspaper-nationalist-for-news-on-jnu-attack

#JNUViolence: ब्रिटिश अखबार ने नकाबपोशों को बताया 'राष्ट्रवादी' तो जावड़ेकर भड़के

  • Updated on 1/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली (Delhi) की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जेएनयू (JNU) में हुई हिंसा से देशभर में उबाल है। लाठी डंडों और लोहे की सरिया लेकर आए करीब एक दर्जन नकाबपोश गुंडे 3 घंटे तक कैंपस में कहर मचाते रहे। इस दौरान गुंड़े छात्रों और शिक्षकों पर हमला करते रहे और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बाद आसानी से वापस चले गए। इस हिंसा में टीचर्स समेत कई छात्र भी घायल हो गए। 

ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, #JNUViolence को बताया फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक

जेएनयू में हुई इस गुंड़ागर्दी को सोशल मीडिया (Social Media) पर दुनिया भर ने देखा। छात्रों और टीचर्स को बेरहमी से पीटने की कई वीडियो भी वायरल हुई। वहीं, भारतीय मीडिया की तरह हिंसात्मक प्रदर्शन को विदेशी मीडिया भी खुब दिखा रहा है। इन सबके बीच केंद्र सरकार ने इसका कड़ा विरोध जाहिर किया है। 

ब्रिटिश अखबार पर बरसे जावड़ेकर
दरअसल, ब्रिटेन के एक अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' (financial times) ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला करने वाले नकाबपोशों को 'राष्ट्रवादी' कहकर भारत पर जोरदार तंज कसा। जिसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने काफी एतराज जताते हुए तीखी आलोचना की और अखबार पर बरस पड़े। साथ ही उन्होंने कहा कि हर मौके पर भारत के टूटने का अनुमान लगाना बंद करें।

#JNUViolence को कांग्रेस ने बताया साजिश, कहा- गुंडागर्दी के लिए मोदी-शाह जिम्मेदार

जावड़ेकर ने किया ट्वीट
ब्रिटिश समाचारपत्र पर बरसते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट कर जावड़ेकर ने कहा, "म‍ैं जानता हूं कि भारत को समझने की आपसे उम्मीद लगाना थोड़ा ज्यादा होगा, लेकिन आप एक कोशिश कर सकते हैं : आप कोई भी मौका मिलने पर भारत के टूटने का अनुमान लगाना बंद करें। भारत विविधता वाला लोकतंत्र है और यह मजबूती से उभर कर आने के लिए सभी मतभेदों को साथ लेकर चलता है।"

JNU में हिंसा के खिलाफ कई शहरों में नाराजगी, बेंगलूरु और हैदराबाद में प्रदर्शन

नकाबपोश भीड़ को कहा 'राष्ट्रवादी'
अखबार को टैग करते हुए उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "दुनिया भर के प्रौद्योगिकीविद् आपकी प्रौद्योगिकी पाने के इच्छुक होंगे, जो नकाबपोश भीड़ को डिकोड कर 'राष्ट्रवादी' बताते हैं। एक बात और, हमारे देश के सभी विश्वविद्यालय एवं संस्थान धर्मनिरपेक्ष हैं।" ब्रिटेन के अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' ने जेएनयू में रविवार रात हुई हिंसा की खबर इस हेडिंग के साथ लिखी थी, "दिल्ली की सेक्युलर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रवादियों की भीड़ ने हिंसा की।"

JNU में खूनी संघर्ष: नकाबपोश लोगों ने बहाया छात्रों और शिक्षकों का खून, जानें कब-कैसे-क्या हुआ

छात्र संघ की अध्यक्ष समेत 36 घायल
डंडों से लैस नकाबपोश लोगों के छात्रों और शिक्षकों पर हमला करने और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बाद रविवार रात जेएनयू में हिंसा भड़क उठी थी। इसके बाद प्रशासन को परिसर में पुलिस बुलानी पड़ी। इस घटना में कम से कम 36 लोग घायल हो गए और इन्हें एम्स (Aiims) में भर्ती कराया गया है। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को सिर में चोट आई है। वाम नियंत्रित जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) और एबीवीपी (ABVP) ने हिंसा के लिए एक-दूसरे पर आरोप मढ़ा। यह हिंसा करीब दो घंटे तक जारी रही।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.