Friday, Apr 19, 2019

भाजपा का चुनाव घोषणापत्र 2022 तक 75 संकल्प पूरे करने का वायदा

  • Updated on 4/9/2019

समस्त विश्व में चुनावों से पूर्व राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव घोषणापत्र जारी करने का रिवाज है। इसी सिलसिले में 8 अप्रैल को भाजपा ने अपना घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ के नाम से जारी किया। 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘‘आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 2022 तक हमने 75 लक्ष्य निर्धारित किए हैं।’’घोषणापत्र कमेटी के अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह के अनुसार, ‘‘6 करोड़ देशवासियों की भागीदारी से बना नए भारत की ओर कदम बढ़ाने वाला यह अत्यंत दूरदृष्टि वाला व्यावहारिक घोषणापत्र है।’’

वित्त मंत्री श्री अरुण जेतली ने कहा, ‘‘यह सरकार अपने वायदे पूरे करती है। इतिहास में यह पहली सरकार है जिसने गरीबी को सबसे तेजी से समाप्त करने का काम किया है। पुरानी सरकारों ने नारे दिए, हमारी सरकार ने नतीजे दिए। पिछले 5 वर्षों में महंगाई दर सबसे कम रही है।’’ इस ‘75 सूत्रीय’ घोषणापत्र की मुख्य बातें निम्र में दर्ज हैं : 

तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनाकर मुसलमान महिलाओं को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रत्येक व्यक्ति को पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की कोशिश की जाएगी और प्रत्येक व्यक्ति का अपना बैंक खाता होगा। 

राम मंदिर पर सभी संभावनाओं की तलाश की जाएगी और जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण वातावरण में मंदिर निर्माण का प्रयास किया जाएगा। 

60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों और छोटे दुकानदारों को पैंशन दी जाएगी, किसान क्रैडिट कार्ड पर मिलने वाला 1 लाख रुपए तक का कृषि ऋण पांच वर्ष तक ब्याजमुक्त होगा।

सभी किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाएगा और 2022 तक किसानों की आय दोगुणी की जाएगी।

निर्यात दोगुणा करने, राष्ट्रीय व्यापार आयोग गठित करने व ‘ईज आफ डूइंग बिजनैस रैंकिंग’ में भारत के रैंक को और भी बेहतर बनाने का लक्ष्य है। उद्यमियों को बिना सिक्योरिटी 50 लाख रुपए तक ऋण दिया जाएगा। 

क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त किया जाएगा, भू-रिकार्ड का डिजीटलीकरण किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर से धारा-370 व 35-ए समाप्त की जाएगी।

आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहनशीलता और सुरक्षा बलोंको आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड देने की नीति जारी रखने, अवैध घुसपैठ रोकने के लिए कठोरता बरतने, नागरिकता संशोधन विधेयक लागू करने, राज्यों की विशिष्टï पहचान की रक्षा करने का वादा भी किया गया है। 

मैनेजमैंट, इंजीनियरिंग और लॉ-कालेजों की सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञ डाक्टरों की संख्या दुगुणी करने के अलावा प्रशिक्षित डाक्टरों और जनता अनुपात का 1:1400 किया जाएगा। 

गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले प्रत्येक परिवार के लिए पक्के मकान के अलावा महिलाओं को विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

ग्रामीण विकास पर 25 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

2022 तक सभी रेल पटरियोंको ब्रॉडगेज में बदलने और विद्युतीकरण करने, देश भर में स्मार्ट रेलवे स्टेशनों के निर्माण और डायरैक्ट फ्रेट कारिडोर योजना पूरी करने का वायदा भी घोषणापत्र में किया गया है। 

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत डेढ़ लाख स्वास्थ्य एवं वैलनैस केंद्र खोलने, 75 नए मैडीकल कालेज /स्नातकोत्तर मैडीकल कालेजों की स्थापना, गरीबों को उनके दरवाजे पर स्तरीय प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध करवाने के अलावा बाल परिचर्या केंद्रों की संख्या तीन गुणा बढ़ाई जाएगी।

वित्त मंत्री श्री अरुण जेतली (भाजपा) ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, ‘‘पार्टी का घोषणा पत्र देश विरोधी एजैंडा है और कांग्रेस के वायदे देश की एकता के लिए खतरा हैं।’’ 

अब कांग्रेस के वरिष्ठï नेता अहमद पटेल ने भाजपा के घोषणापत्र को ‘झांसा पत्र’ करार देते हुए कहा है कि ‘‘भाजपा के इस घोषणापत्र में केवल मोदी और उनका अहंकार है, जनता के लिए कुछ नहीं है।’’    

इसी प्रकार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुर्जेवाला ने दावा किया कि ‘‘मोदी जी का मूलमंत्र ‘झांसे से फांसा है’ इस पर जनता भरोसा कैसे करे। यह घोषणापत्र नहीं ‘झांसा पत्र’ है।’’

अत: अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से खुल कर किए लोकलुभावन वायदों के मुकाबले में भाजपा का यह घोषणापत्र कितना लुभा पाता है।                                                                                                             —विजय कुमार 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.