Wednesday, Sep 18, 2019
bjp to support candidates for selection survey

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 : उम्मीदवारों के चयन सर्वे का सहारा लेगी भाजपा

  • Updated on 7/9/2019

नई दिल्ली/अशोक शर्मा। लोकसभा के बाद अब अगले साल दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा द्वारा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने के आसार हैं। पार्टी इसके लिए एक सर्वे का सहारा ले सकती है। यह सर्वे पार्टी के अलावा किसी प्राइवेट एजेंसी से भी कराने की संभावना है।

उम्मीदवारों की खोजबीन कर उनपर निगाह रखनी शुरू
दिल्ली विधानसभा का चुनाव इस बार आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच नाक का सवाल बन सकता है। हालांकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बढ़ते ग्राफ की वजह से प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के हौसले अब बढ़ गए हैं और उन्हें लगता है कि इस चुनाव में अपनी खोई ताकत को पुन: पाने के लिए मौका मिल सकता है। इसलिए कांग्रेस ने भी अभी से उम्मीदवारों की खोजबीन कर उनपर निगाह रखनी शुरू कर दी है।

वैसे लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर पुन: कब्जा करने के बाद प्रदेश भाजपा का मुख्य लक्ष्य ही इस बार दिल्ली की सत्ता के वनवास को खत्म करना है। इसके लिए प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं के साथ ही केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपनी-अपनी कवायद शुरू कर दी है। 

उम्मीदवार पैराशूट से न आए
सूत्रों की मानें,तो दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने के लिए वरीयता विशेष रूप से कार्यकर्ता के काम को दी जाएगी। भाजपा नहीं चाहेगी कि किसी भी इलाके से ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जाए जो उस इलाके से बाहर का रहने वाला हो। इसकी वजह एक यह भी मानी जा रही है कि 70 सीट वाली दिल्ली विधानसभा में इस बार भाजपा विरोधी दलों को कड़ी टक्कर देना चाहती है और इस कारण उसी इलाके के कार्यकर्ता को टिकट देना चाहेगी, जो अपने काम की कसौटी पर पूरी तरह से खरा उतरता हो। कहा तो यह भी जा रहा है कि पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाने में उस इलाके के पूर्व विधायक और पूर्व पार्षद के नाम पर भी विचार किया जा सकता है, बशर्ते वह आज भी इलाके की जनता में वह अच्छी पैठ रखता हो। वैसे चर्चा तो यह भी है कि उम्मीदवार का चयन करने में उस इलाके से बाहर क्षेत्र में रहने वाले कार्यकर्ता को वरीयता नहीं दी जाएगी।  

‘दिल्ली सरकार के वादों की हकीकत सामने लाएंगे’
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा की बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल, सांसद मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा, रमेश विधूड़ी, गौतम गंभीर व हंसराज हंस आदि मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में जिस प्रकार विकास कार्यों की अनदेखी की है व काम करने की बजाय लोगों को गुमराह किया है, उसे जनता के बीच उजागर किया जाएगा। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने केजरीवाल के खिलाफ रोडमैप तैयार किया है। इस मौके पर दिल्ली भाजपाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार के वायदों की हकीकत को सामने लाने का काम करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.