Wednesday, Dec 08, 2021
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दिल्ली में ब्लैक फंगस के केस बढ़कर हुए 500, LG ने दिए ये आदेश

  • Updated on 5/25/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली में कोरोना की लहर कुछ कंट्रोल में आई तो अब ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ने लगा है। दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या करीब 500 हो गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन की दिल्ली में भारी किल्लत है।

राजधानी में ब्लैक फंगस के तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इसकी दवाओं की तुरंत खरीद करने का आदेश  दिया और सभी अस्पतालों में कितनी दवा की जरूरत है इसका रियल टाइम सर्वेक्षण करने को कहा है। उपराज्यपाल ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तुरंत दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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इन तीन अस्पतालों में बने ब्लैक फंगस उपचार के सेंटर 
वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ब्लैक फंगस की बाबत कहा कि दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए अपने सेंटर बना दिए हैं। हमने एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल के अंदर सेंटर बना लिए हैं, लेकिन दवा नहीं है। रविवार को भी हमारे पास दवाई नहीं आई तो हम बिना दवाई के मरीजों का इलाज कैसे करें?

ब्लैक फंगस की दवा की मार्केट में बहुत कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मरीज को 1 दिन में चार से पांच इंजेक्शन लगते हैं। जब तक इंजेक्शन नहीं मिलेंगे तब तक हम मरीजों का इलाज कैसे कर सकते हैं? केंद्र सरकार के पास जितने इंजेक्शन है उसे देती रहती है, लेकिन यह बीमारी अचानक आ गई है और इस बीमारी की दवा की मार्केट में बहुत कमी है। 

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दिल्ली हाईकोर्ट ने ठोस कमद उठाने के दिए निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि ब्लैक फंगस के उपचार के लिए उपयोग में आने वाली दवा 'एम्फोटेरसिन बी' की मांग और आपूर्ति में अंतर इतना अधिक है कि कुछ ठोस कदमों को उठाने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि ब्लैक फंगस कोरोना से उबर चुके मरीजों को अधिक प्रभावित कर रहा है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि दवा की मांग और आपूर्ति में एक तिहाई से अधिक का अंतर है, जिसको ठीक करने के लिए तेजी से कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

 

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