Wednesday, Jun 29, 2022
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बुक क्लब से चाइल्ड केयर संस्थानों के बच्चों में पढने की बनेगी आदत

  • Updated on 1/4/2022

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित सभी चाइल्ड केयर संस्थानों में बच्चों में पढने की आदत को विकसित करने के लिए बुक क्लब शुरू करने की पहल की जा रही है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। यहां विभिन्न आयु समूहों के लिए प्रेरक और सूचनात्मक पुस्तकें चाइल्ड केयर संस्थानों के पुस्तकालय में उपलब्ध करवाई जाएंगी। विभाग की ओर से बुक क्लब के लिए कुछ सुझाव व दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।
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बच्चों में बढेगी रचनात्मकता
यही नहीं बच्चों में रचनात्मकता को बढावा देने के लिए डब्ल्यूसीडी कई अन्य क्लब जैसे सिंगिंग एंड डांसिंग क्लब, ड्रामा क्लब, आर्ट-पेंटिंग क्लब, स्पोर्टस क्लब व पर्यावरण क्लब का भी गठन करेगा। ये गतिविधियां बच्चों के रूचि के अनुसार होंगी और वो उसी आधार पर क्लब को ज्वाइन करेंगे। इसके लिए विभिन्न संगठनों व गैर सरकारी संगठनों को भी माॅडयूल तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। इतना ही नहीं इस योजना के अंतर्गत सुपरिटेंडेंट बच्चों में पढने की आदतों को विकसित करेंगे और बच्चे की 10-10 की संख्या में टीमें बनाई जाएंगी। ये बच्चे आपस में पढी गई किताबों के ज्ञान को एक-दूसरे से साझा भी करेंगे। इसकी रिपोर्ट भी सुपरिटेंडेंट द्वारा मुख्यालय को दी जाएगी। बुक क्लब से एक साथ सीखने की कला को प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही लिखने, बोलने, स्केचिंग और विभिन्न माध्यमों से शब्दावली को समृद्ध होगी। इसमें विभिन्न आयु वर्गों का समूह तैयार किया जाएगा जो एक सेतु का काम करेगा और क्षमता निर्माण में सहायक होगा। बच्चों में मानसिक विकास भी तेजी से होगा।
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40 मिनट का होगा सत्र
बुक क्लब में सभी आयु समूहों को एक ही समय पर प्रतिदिन 40 मिनट का सत्र पढने के लिए मिलेगा। जिसमें बच्चे अपनी रूचि की पुस्तकों का चयन करेंगे या उन पुस्तकों के नाम जमा करेंगे जिसे वो पढना चाहते हैं और अधीक्षक इसे सुनिश्चित करेंगे। दिन के अंत में सीनियर्स द्वारा जूनियर्स को कहानियां पढकर सुनाई जाएगीं। यही नहीं बुक रीडिंग क्लब का आयोजन किया जाएगा व प्रतियोगिताएं करवाईं जाएगीं। इसका रिजल्ट अधीक्षक मुख्यालय में प्रत्येक माह भेजेंगे।
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पुस्तकों के लिए विभाग ने दिए सुझाव
डब्ल्यूसीडी द्वारा 6 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए सचित्र पुस्तकें, परिकथाएं, बिंदुओं को जोडें, रंग भरने वाली किताबें, रिकाॅर्ड की गई कहानी की सीडी का सुझाव दिया गया है। जबकि 6-12 साल के बच्चों के लिए जातक कथाएं, नेटवर्क डाइजेस्ट, एनिड बेलीटन, रस्किन बाॅन्ड, नैन्सी डू श्रृंख्ला, हास्य किताबें, परिकथाएं व शब्दकोष व विश्वकोष का सुझाव है। वहीं 12-18 साल की उम्र के लिए जासूसी कहानियां, शाॅर्लेक होम्स, कल्पित विज्ञान विश्वकोष व शब्दकोष व 18 से 21 आयु वर्ग के लिए करंट अफेयर्स व सामान्य ज्ञान सहित आत्मकथाएं, जासूसी उपन्यास व कल्पित विज्ञान की किताबों का सुझाव दिया गया है।
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अलीपुर में मिला बुक क्लब का आइडिया: डाॅ. रश्मि सिंह 
डब्ल्यूसीडी की डायरेक्टर डाॅ. रश्मि सिंह ने बताया कि वो अलीपुर में चाइल्ड केयर संस्थान का विजिट करने गईं थीं। इस दौरान उन्होंने पाया कि सिर्फ एक बच्चे ने पुस्तकालय से पूरे माह में पुस्तक ली है। तब उन्हें लगा कि कहीं ना कहीं बच्चों में पढने की आदत खत्म होती जा रही है, जिसके बाद उनके मन में बुक क्लब का आइडिया आया। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढने की आदत विकसित करने व शब्दों से उनकी दोस्ती करवाने के लिए हमने इस मुहिम को नए साल से शुरू किया है।
 

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