Tuesday, Jan 31, 2023
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क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' का चांदीपुर में सफल परीक्षण, जानें खूबियां

  • Updated on 7/16/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सोमवार को सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया गया। इस परीक्षण का मकसद इस मिसाइल की मियाद को 10 साल से बढ़ा कर 15 साल करना है।इस मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारत आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली वाला अग्रणी देश बन गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सूत्रों ने बताया कि आईटीआर से मिसाइल को करीब सवा दस बजे प्रक्षेपित किया गया।

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इसने निर्धारित प्रक्षेपण पथ के रास्ते अपने मिशन के लक्ष्य को हासिल किया।इस वर्ष 21 मई और 22 मई को ब्रह्मोस मिसाइल के दो परीक्षण किए गए थे। इनमें ‘ मेक इन इंडिया ’ के तहत स्वदेश विकसित प्रमुख सब - सिस्टम का परीक्षण भी हुआ है । सेवा विस्तार कार्यक्रम के तहत 21 मई को आईटीआर से मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया गया था।ब्रह्मोस डीआरडीओ और रूस की एनपीओएम का एक संयुक्त उपक्रम है। यह मिसाइल भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल की जा चुकी है।

ब्रह्मोस की खासियत 

ब्रह्मोस को पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पूर्व में ही सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसे भारतीय सेना एवं नौसेना को सुपुर्द किया जा चुका है। अमरीका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे फिसड्डी साबित होती है।

क्या होती है क्रूज प्रक्षेपास्त्र मिसाइल

क्रूज प्रक्षेपास्त्र की विशेषता यह है कि ऐसे मिसाइल  कम ऊँचाई पर तेजी से उड़ान भरती है जिसका फायदा यह है कि मिसाइल लॉन्चिंग के दौरान रडार की आँख से बच जाती है। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन, हवा, पनडुब्बी और युद्धपोत से यानी कि लगभग कहीं से भी दागा जा सकता है। यही नहीं इसे वर्टिकल प्रक्षेपक से भी दागा जा सकता है।

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