Thursday, Jun 30, 2022
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ऑनलाइन माध्यमों से कोरोना काल में जुड़ा व्यापार और विचार

  • Updated on 3/24/2021

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। सोचिए अगर तकनीक व संचार के माध्यम आज जितने सक्षम हैं अगर उतने सक्षम नहीं होते तो कोविड-19 में लगे विश्वव्यापी लॉकडाउन में लोग कैसे जी पाते। किस तरह विचारों का आदान-प्रदान हो पाता, किस तरह नई सोच को पंख लग पाते और किस तरह लोगों को दिमागी चिंताओं व बीमारियों से मुक्ति मिल पाती। सच में लॉकडाउन के दौरान तकनीक ही थी, जिसने पूरी दुनिया को मु_ी में कर दिया और एक छोटे से मोबाइल में पूरी दुनिया समां गई। तकनीक ने वेबिनारों के जरिए लोगों को व्यापार से लेकर विचार तक से जोडे रखा। जबकि ऑफिस कल्चर में भी काफी हद तक बदलाव आया। अब दूर से ही लोग एक दुसरे को नमस्कार व आभार व्यक्त करते हैं। 

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किताबों की दुनिया और ई-बुक का प्रचलन बढा
तकनीक ने किताबों को मोबाइल में समेट लिया। ई-बुक के जरिए नई-नई किताबों को लोगों ने जमकर पढ़ा और विचार सात समुंदर पार तक जा पहुंचे। लॉकडाउन में ऑनलाइन किताबों को लेकर शुरूआत के एक महीने दुनियाभर के पब्लिशर्स आश्वस्त नहीं थे लेकिन जैसे ही शुरूआती रूझान सकारात्मक आए तो छोटे-बडे सभी पब्ल्सिशर्स ने हिम्मत जुटाई और ई-बुक का प्रचलन तेजी से बढ़ा। इसके बाद ऑनलाइन कविता पाठ, उपन्यास, कहानी पठन-पाठन का दौर शुरू हुआ। यही नहीं ऑनलाइन विश्व पुस्तक मेले  व दिल्ली पुस्तक मेले का आयोजन किया गया।

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एनजीएमए व नेशनल म्यूजियम में ऑनलाइन प्रदर्शनी
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) व नेशनल म्यूजियम ने कलाकारों को प्रोत्साहित करने व युवा कलाकारों को जोडे रखने के लिए ऑनलाइन कई प्रकार के वर्कशॉप जहां आयोजित किए। वहीं अपने रिकॉर्ड रूम में रखे बडे आर्टिस्टों के पेंटिंग, मूर्तियों सहित अन्य कलाओं की विशेष प्रदर्शनियों को भी आयोजित किया।  वहीं नेशनल म्यूजियम ने इतिहास से लोगों को रूबरू करवाया।

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जूम पर होती हैं अब ऑफिस मींिटंग
ऑफिस के कांफ्रेंस रूम की जगह अब जूम, गूगल लाइव, फेसबुक सहित कई ऐसे एप ने ले ली है जहां अब बडी-बडी कंपनियों से लेकर सरकारी महकमों तक की मीटिंग होती हैं। यहां सुझाव दिए जाते हैं, डांट पडती है और सभी एम्पलाईज के काम करने के तरीके का मूल्यांकन भी किया जाता है। इसमें ज्यादा तामझाम भी नहीं होता सिर्फ जरूरत होती है ऑनटाइम पहुंचने की यानि अपना लैपटॉप या मोबाइल के जरिए जुडने की।

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कोर्ट में भी ऑनलाइन सुनवाई
आज से पहले गवाह हो या फिर अपराधी सभी को कोर्ट में जाकर फिजिकली पेशी जज के सामने देनी होती थी। लेकिन लॉकडाउन के बाद जब स्थितियां सामान्य हुईं और कोर्ट की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो कोर्ट भी डिजिटली चलने लगी। अब कोर्ट द्वारा दिए गए समय पर तकनीक के जरिए कोर्ट में पेशी होती है, इसमें गवाह, अपराधी, केस करने वाला, आरोपी और वकील सभी जज के सामने हाजिरी देते हैं।

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