Friday, Jul 23, 2021
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CAA- NRC Protest: लखनऊ में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, 'प्यार बांटो, देश नहीं' के लगे नारे

  • Updated on 2/4/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के घंटाघर के पास महिलाओं का धरना प्रदर्शन जारी है। जबकि शुक्रवार को पुलिस ने धरना प्रदर्शन कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया था। 

प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथ में डॉ भीमराव आंबेडकर का पोस्टर है जिसमें लिखा है, 'मेरा संविधान, मेरा अधिकार'। इसके साथ ही सीएए के विरोध में कुछ तख्तियों पर लिखा है- प्यार बांटो, देश नहीं।

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विरोध कर रहे सात लोग गिरफ्तार
बता दें कि शुक्रवार को राजधानी के घंटाघर परं सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन लोगों को प्रदर्शन स्थल पर शिविर लगाने और कैंडल मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि 30 जनवरी को प्रदर्शनकारी घंटाघर पर एकत्र हुए और सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इन लोगों ने कैंडल मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर टेंट लगाने को लेकर उनकी पुलिस से कहासुनी हुई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि बिना अनुमति के कैंडल मार्च नहीं निकाल सकते क्योंकि निषेधाज्ञा लगी हुई है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और आगे बढ़ने लगे जिसके बाद सड़क पर जाम लग गया। पुलिस ने बताया कि सातो गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ ठाकुरगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार लोगों के नाम मोहम्मद ताहिर, जुगनू, मोहम्मद शान खान, रहबर, दाऊद, शावेज और तुफैल सिद्दीकी है।

लखनऊ मेंं प्रदर्शन कर रहे बच्चों को हटाने का निर्देश

बाल समिति का भी नोटिस
इससे पहले न्यायालय बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी व्यस्कों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी कि वे अपने बच्चों को तत्काल प्रभाव से धरनास्थल से हटाएं अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की न्यायालय बाल कल्याण समिति, लखनऊ ने घंटाघर के निकट सीएए के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे व्यस्कों को उक्त नोटिस बुधवार को जारी किया।

समिति ने कहा,‘ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) कानून 2015 के अनुसार, हर वह व्यक्ति ‘बच्चा’ कहलाएगा जो 18 वर्ष से कम आयु का है। अधिनियम के अनुसार बालक-बालिकाओं के सर्वोत्तम हित के दृष्टिगत बाल कल्याण समिति को कार्य करना है।’ नोटिस में कहा गया है कि बाल कल्याण समिति आदेश देती है कि घंटाघर के समीप अपने बच्चों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे परिवार अपने बच्चों को धरनास्थल से घर भेजें जिससे उनकी सामान्य दिनचर्या पुन: आरंभ हो सके।

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सीएम योगी ने जताई थी नाराजगी
उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship (Amendment) Act) के विरोध में हो रहे प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने नाराजगी जताई थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सीएम योगी ने कहा था कि हम प्रदेश में दंगाइयों को छूट नहीं देंगे। उन्होंने कहा जो जैसा बोलेगा वैसा परिणाम पाएगा। 

 

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