Thursday, Feb 27, 2020
caa lawyers protest outside bombay high court read preamble of constitution

CAA: वकीलों ने बम्बई उच्च न्यायालय के बाहर किया प्रदर्शन,पढ़ी संविधान का प्रस्तावना

  • Updated on 1/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में 50 से अधिक वकीलों ने आज बम्बई उच्च न्यायालय के बाहर भारत के संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। नवरोज सीरवई, गायत्री सिंह और मिहिर देसाई सहित 50 से अधिक वकीलों ने एक साथ प्रस्तावना पढ़ने के बाद मोदी सरकार की तीखी आलोचना की है। नवरोज सीरवई ने कहा कि कोई भी इस देश और इसके नागरिकों को धर्म के आधार पर बाँट नहीं सकता।    

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उन्होंने कहा कि सीएए में इस्लाम को छोड़कर छह धार्मिक समुदायों के शरणाॢथयों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जो संवैधानिक रूप से गलत है। सीरवई ने कहा कि हमने भारत के संविधान और इसके संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप में हमारे विश्वास की पुन: पुष्टि और लोगों के खिलाफ देश भर में की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध करने के मकसद से संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा है। 

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वहीं अधिवक्ता मुबीन सोलकर ने कहा कि प्रस्तावना को पढऩे के पीछे का उद्देश्य भारत के करोड़ों लोगों में विश्वास पैदा करना है, जो हमारा संविधान कहता है कि देश धर्मनिरपेक्ष और एक लोकतांत्रिक गणराज्य है। एक अन्य वकील ताहिरा शेख ने कहा कि संविधान ने सरकार समेत किसी को भी धर्मों के आधार पर अपने नागरिकों को बाँटने या भेदभाव करने की अनुमति नहीं दी है और इसलिए जो किया जा रहा है वह गलत है।     

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