Saturday, Apr 20, 2019

सिख कट्टरवाद को कनाडा ने अपनी रिपोर्ट से हटाया, भारत ने जताई नाखुशी

  • Updated on 4/14/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कनाडा ने अपनी ताजा रिपोर्ट में सिख कट्टरवाद और खालिस्तान से जुड़े संदर्भों को हटा दिया है। इसको लेकर कनाडा की ही नहीं, भारत की राजनीति भी गरमाती नजर आ रही है। भारत सरकार ने कनाडा सरकार के ताजा कदम से नाखुश है। दरअसल, कनाडा में सिख समुदाय का खासा दबदबा है और कनाडा के आगामी चुनाव में इनके वोटों का असर भी देखने को मिलता है। 

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यही वज है कि सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने सिख समुदाय के दबाब में अपनी पहले वाली रिपोर्ट में बदलाव करते हुए सिख कट्टरवाद से जुड़े 6 और खालिस्तान से जुड़े दो संदर्भों को हटा लिया है। ऐसे में इसको लेकर भारत खुश नहीं है। बता दें कि विदेश में खालिस्तान और सिख कट्टरवाद के खिलाफ भारत सरकार कड़ी नजरें रखे हुए है। पंजाब में 80 के दशक में खालिस्तान और सिख कट्टरवाद का रूप देखने को मिला था।

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सूत्रों की माने तो कनाडा सरकार चुनावी साल में घरेलू सियासी दबाबों के आगे पूरी तरह झुक गई है। बता दें कि 2018 की सरकारी रिपोर्ट में सिख कट्टरवाद और आतंकवाद को लेकर जिक्र किया गया था। इसको लेकर कनाडा में रहने वाले सिख समुदायों ने अपनी नाराजगी जताई थी। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि कनाडा सरकार का यह कदम चुनाव को देखते हुए लिया गया है। 

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'2019 रिपब्लिक रिपोर्ट ऑन दि टेरिरिस्ट थ्रैट टु कनाडा' नामक अपडेटेड रिपोर्ट में सिख कट्टरवाद से जुड़े संदर्भों को हटा लिया गया है। इस अपडेटेड रिपोर्ट को शुक्रवार को ही रिलीज किया गया है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री जस्टिन टूर्डो के बैसाखी परेड में शामिल होने से 24 घंटे पहले रिलीज की गई है। इस परेड को खालसा दिवान सोसाइटी और नेशनल डिफेंस मिनिस्टर हरजीत सज्जन की ओर से आयोजित किया गया था।

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