Monday, May 23, 2022
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GAIL के डायरेक्टर रंगनाथन को CBI ने रिश्वतखोरी मामले में किया गिरफ्तार

  • Updated on 1/16/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के निदेशक (विपणन) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि महारत्न पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) के उत्पाद खरीदने वाली कंपनियों को दी जाने वाली छूट के संभावित लाभार्थियों से बदले में कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने निदेशक ई एस रंगनाथन, बिचौलियों और व्यापारियों की संलिप्तता वाले कथित रिश्वत घोटाले का खुलासा किया और शनिवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने रंगनाथन के कार्यालय और आवास सहित आठ स्थानों पर छापे मारे थे। 

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सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, 'उक्त आरोपी (रंगनाथन) के परिसरों से छापेमारी के दौरान करीब 1.29 करोड़ नकद और सोने के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान बरामद किए गए।’’ अधिकारियों ने बताया कि यह आरोप है कि रंगनाथन महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए जाने वाले पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को दी जाने वाली छूट के संभावित लाभार्थियों से रिश्वत ले रहे थे। यह आरोप लगाया गया है कि रंगनाथन बिचौलियों पवन गौर और दिल्ली के बहादुरगढ़ रोड स्थित ऋषभ पॉलीकेम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजेश कुमार के साथ 'आपराधिक साजिश में भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में लिप्त' थे। प्राथमिकी में आरोप है कि कुमार और गौर ने गेल द्वारा विपणन किए जाने वाले पेट्रो रसायन उत्पादों की खरीद कर रही निजी कंपनियों से रिश्वत लेने में रंगनाथन के बिचौलियों के तौर पर काम किया। 

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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इस तरह के एक रिश्वत के आदान-प्रदान की सूचना के आधार पर, उसकी टीम ने जाल बिछाया, जिसमें दो बिचौलियों गौर और कुमार को रंगनाथन की ओर से एकत्र की गई लगभग 10 लाख की रिश्वत राशि के साथ पकड़ा गया। रंगनाथन और अन्य के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने दिल्ली में भीकाजी कामा प्लेस और नोएडा के सेक्टर-62 में उनके आवास सहित दिल्ली-एनसीआर में करीब आठ स्थानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने रंगनाथन के अलावा बिचौलिए गौर और कुमार, एन रामाकृष्णन नायर के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसने कथित तौर पर रिश्वत एकत्र की, कारोबारी सौरभ गुप्ता और उनकी पंचकूला स्थित कंपनी यूनाइटेड पॉलिमर इंडस्ट्रीज और आदित्य बंसल एवं उनकी कंपनी करनाल स्थित बंसल एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज किया। 

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जोशी ने कहा, 'इसके बाद, दिल्ली, नोएडा, गुडग़ांव, पंचकूला, करनाल आदि में आरोपी के परिसरों की तलाशी ली गई, जिसमें अब तक 84 लाख रुपये (लगभग) की जब्ती हुई, जिसमें गुडग़ांव स्थित निजी व्यक्ति से 75 लाख रुपये की जब्ती शामिल है। सरकारी कर्मचारी के परिसरों में तलाशी जारी है।’’ सूत्रों ने सीबीआई को सूचित किया था कि कुमार के निर्देश पर गौर ने रंगनाथन से कहा था कि वह रिश्वत के बदले में गेल द्वारा बेचे जा रहे पेट्रो रसायन उत्पादों पर खरीदारों को कुछ छूट देने की अनुमति दे दें। 

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प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि दो दिन बाद गौर ने कुमार को सूचित किया कि गेल में छूट के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। छूट आदेश जारी करने पर गेल में अंतिम निर्णय लेने के बाद, कुमार ने रिश्वत की व्यवस्था करने के लिए छूट के अन्य संभावित लाभार्थियों से संपर्क किया। गौर, कुमार और रंगनाथन ने 14 दिसंबर को दिल्ली के एक पंचसितारा होटल में फिर से इस पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र संबंधित भादंसं की धारा और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

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