Monday, Sep 20, 2021
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CBI told court Maharashtra Shiv Sena govt not cooperating investigation against Deshmukh rkdsnt

CBI ने कोर्ट से कहा - महाराष्ट्र सरकार देशमुख के खिलाफ जांच में नहीं कर रही सहयोग

  • Updated on 7/28/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ जांच में सहयोग नहीं कर रही है, जबकि उच्च न्यायालय के एक आदेश में कहा गया था कि सीबीआई पुलिस तबादला और पदस्थापन में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर सकती है। 

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सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने जस्टिस एस एस शिंदे और जस्टिस एन जे जमादार की खंडपीठ से कहा कि एजेंसी ने राज्य खुफिया विभाग को पत्र लिख कर पुलिस तबादला एवं पदस्थापन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि शुक्ला के एक पत्र से जुडा ब्योरा मांगा था। 

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सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 22 जुलाई को कहा था कि सीबीआई तबादला और पदस्थापन में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर सकती है और अदालत ने देशमुख के खिलाफ दर्ज एजेंसी की प्राथमिकी के कुछ हिस्से रद्द करने की मांग करने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। सिंह ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने 23 जुलाई को राज्य खुफिया विभाग के आयुक्त को पत्र लिख कर तबादला और पदस्थापन पर शुक्ला द्वारा सरकार को भेजे गये पत्र की प्रतियां मांगी थी।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, 27 जुलाई को सहायक पुलिस आयुक्त नितिन जाधव ने सीबीआई को जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दस्तावेज सौंपने से इनकार करते हुए कहा कि वे अन्य जांच का हिस्सा हैं। हमारी शिकायत यह है कि सरकार सहयोग नहीं कर रही है। ’’ उच्च न्यायालय ने कहा कि सीबीआई इस मुद्दे को उठाते हुए एक अर्जी दायर कर सकती है और अदालत उस पर दलीलें सुनेगी। सीबीआई ने इस साल 21 अप्रैल को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरूपयोग को लेकर उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था। 

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परमबीर सिंह के खिलाफ जांच के लिए SIT गठित
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और सात अन्य के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस थाने में दर्ज वसूली के मामले तथा अपराध शाखा में दर्ज एक अन्य मामले में जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने 25 जुलाई को एसआईटी गठित करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि एसआईटी में सात सदस्य होंगे और इसकी अगुवाई पुलिस उपायुक्त निमित गोयल करेंगे जो स्थानीय शस्त्र विभाग में तैनात हैं। गोयल निगरानी अधिकारी होंगे और देवनार के सहायक पुलिस आयुक्त एम एस मुजावर मामले में जांच अधिकारी होंगे।  

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अधिकारी ने बताया कि एसआईटी के अन्य सदस्य आॢथक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के इंस्पेक्टर परिणाम परब, वसूली रोधी शाखा (एईसी) के इंस्पेक्टर सचिन पुराणिक, आजाद मैदान पुलिस थाने के इंस्पेक्टर विनय घोरपडे, अपराध शाखा के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर महेंद्र पाटिल तथा साइबर पुलिस थाने के एपीआई विशाल गायकवाड हैं। मुंबई पुलिस प्रमुख ने अपने आदेश में एसीपी मुजावर को मरीन ड्राइव पुलिस थाने तथा एसीपी अपराध (डी-वेस्ट) से मामले में सभी संबंधित दस्तावेज लेने के निर्देश दिए। मरीन ड्राइव पुलिस ने गत हफ्ते एक बिल्डर की शिकायत पर परमबीर सिंह, पांच अन्य पुलिस अधिकारियों और दो अन्य लोगों के खिलाफ वसूली, धोखाधड़ी तथा जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। 

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