Sunday, Sep 26, 2021
-->
ccmb raised questions on russia vaccine said  no proper test pragnt

रूस की वैक्सीन पर भारतीय संस्था ने उठाए सवाल, कहा- नहीं हुए उचित परीक्षण

  • Updated on 8/12/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक राहत भरी खबर का ऐलान किया है। पुतिन ने कहा कि हमने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने इस वैक्सीन का पहला टीका अपनी बेटी को दिया है। इस वैक्सीन के ऐलान के बाद जहां पूरे विश्व ने राहत भरी सांस ली है। वहीं हैरदारबाद की सीएसआईआर- कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) के एक शीर्ष अधिकारी ने इस वैक्सीन पर सवाल उठाए हैं।

दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की वजह से रहेंगे कई मार्ग बंद, ट्रैफिक पुलिस ने की Advisory जारी

वैक्सीन के असरदार होने पर उठाए सवाल
सीसीएमबी के एक अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के उपचार के लिए विकसित किए गए रूस के टीके संबंधी पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं होने के कारण इस टीके के असरदार होने और इस्तेमाल के लिए सुरक्षित होने के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।

महाराष्ट्र पुलिस पर कोरोना की मार! अब तक 121 कर्मियों ने गंवाई जान

सीसीएमबी के निदेशक ने कहा ये
सीसीएमबी के निदेशक राकेश के मिश्रा ने कहा कि यदि लोग भाग्यशाली रहे तो रूस का टीका असरदार साबित होगा।मिश्रा का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि उनके देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ पहला टीका विकसित कर लिया है जो कोविड-19 से निपटने में बहुत प्रभावी ढंग से काम करता है और एक स्थायी रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करता है।इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया था कि उनकी एक बेटी को यह टीका पहले ही दिया जा चुका है।

दिल्ली: मनीष सिसोदिया ने कहा- स्कूली पढ़ाई का विकल्प नहीं है ऑनलाइन शिक्षा

नहीं हुए उचित परीक्षण
मिश्रा ने कहा कि टीके के असरदार होने और उसके इस्तेमाल के लिए सुरक्षित होने के बारे में अब भी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने उचित परीक्षण नहीं किए, जो तीसरे चरण में किए जाते है। इसी चरण में आपको टीके के असरदार होने के बारे में पता चलता है। इस चरण में बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाया जाता है और दो महीने इंतजार किया जाता है और पता लगाया जाता है कि वे संक्रमित हैं या नहीं। मिश्रा ने कहा कि ऐसा लगता नहीं कि उन्होंने यह (किया है, क्योंकि यदि आपने ऐसा किया है, तो हमें डेटा दिखाइए।) आप इसे गोपनीय नहीं रख सकते।

रुस की कोरोना वैक्सीन को लेकर एम्स के निदेशक डॉ गुलेरिया ने कही यह बड़ी बात..

यह सुरक्षित नहीं है
उन्होंने कहा कि टीके को लोगों तक पहुंचाने से पहले उसका सावधानी से आकलन किया जाना चाहिए और कोई देश या कंपनी टीके के संबंध में डेटा जारी नहीं कर रही है, तो यह गलत बात है। मिश्रा ने कहा कि यह सुरक्षित नहीं है... पहले, दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण से गुजरने से पहले टीका उपलब्ध नहीं कराया जाना चाहिए।

कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरों को यहां पढ़ें...

comments

.
.
.
.
.