Wednesday, Dec 07, 2022
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center told sc, rath yatra can be done without devotees prshnt

केंद्र ने SC से कहा, भक्तों की भागीदारी के बिना हो सकती है भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

  • Updated on 6/22/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में कोरोना महामारी के चलते ओडिशा में हर साल होने वाली भगवान जगन्नाथ (Jagannath) की रथ यात्रा पर और ओडिशा के जगन्नाथ पुरी और देश के अन्य स्थानों में होने वाली वार्षिक रथयात्रा (Rath Yatra) पर लगे रोक पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज सुनवाई की। सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की भागीदारी के विना भी रथ यात्रा निकाली जा सकती है।

रथ यात्रा पर रोक हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 16 याचिका दायर की गई है, जिस पर आज सुनवाई चल रही है।सुप्रीम कोर्ट की सिंगल जज बेंच 18 जून के अपने आदेश को संशोधित करने की मांग करने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी।

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23 जून को शुरू होनी है यात्रा
बता दें कि इस बार 23 जून को को ओडिशा के पुरी में सदियों पुरानी परंपरा भगवान जगन्नाथ यात्रा निकालने और उससे जुड़ी गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर इस रथ यात्रा पर रोक लगाई जा रही है।

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समान्य तौर पर करीब 10 से 12 लाख लोग लेते हैं हिस्सा
बता दें कि रथ यात्रा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।  23 जून को होनी वली रथयात्रा में करीब 10 से 12 लाख लोगों के जमा होने की उम्मीद जताई जा रही थी। ये रथयात्रा करीब 10 दिन कार्यक्रम चलता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि रथयात्रा पर रोक लोगों के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।

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