Sunday, Sep 19, 2021
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हल्का होगा बच्चों का स्कूल बैग, केंद्र सरकार ने जारी की School bag Policy

  • Updated on 12/9/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। छोटे-छोटे स्कूली छात्रों के भारी बैग को लेकर अक्सर विवाद होता रहा है। इस विवाद को अब केंद्र सरकार (Central Govt) ने खत्म करने की कोशिश की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल बैग पर अपनी नई नीति में दूसरी कक्षा तक गृह कार्य नहीं देने, स्कूलों में वजन करने वाली डिजिटल मशीनें रखने और परिसर में पेय जल उपलब्ध कराने जैसी सिफारिश की हैं। सरकार स्कूल जाने वाले बच्चों के बैग (School bag) को लेकर स्कूल बैग पॉलिसी लाई  है। इस पॉलिसी के मुताबिक बच्चों के बस्ते का वजन उनके वजन के दस फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। 

इस पॉलिसी के तहत पहली कक्षा में पढ़ने वाले छा6ों के बस्का का वजन औसतन 1.6 से 2.2 किलीग्राम वहीं 12वीं में पढ़ने लाले छात्रों के बस्ते का वजन अब औसतन 3.5 से 5 किलीग्राम के बीच में रखना तय किया गया है। इसके साथ ही प्री प्राइमरी में पढ़ने वाले बच्चों के पास अब कोई बैग नहीं होगा। 

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क्या होगा बस्ते में किताबों और टिफ्फिन का वजन
इस पॉलिसी के तहत बस्ते में किताबों का वजन 500 ग्राम से 3.5 किलोग्राम होना चाहिए, वहीं कॉपियों का वजन 200 ग्राम से 2.5 किलोग्राम होना चाहिए। इसके अलावा टिफ्फिन का वजन 200 ग्राम से 1 किलो और पानी की बोतल का वजन भी 200 ग्राम से 1 किलो के बीच रहेगा। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस नीति पर नए शैक्षणिक सत्र से अमल किया जाए। स्कूल बैग पॉलिसी का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से एक तौल मीशन भी रखी जाएगी। वहीं  प्रकाशकों के लिए भी इस पॉलिसी में नियम बनाया गाय है।

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प्रकाशकों के लिए बना ये नियम
अब प्रकाशकों के किताबों के पीछे उसका वजन भी छापना होगा। पहली कक्षा के लिए कुल तीन किताबें होंगी, जिनका वजन 1 किलो  से कुछ अधिक होगा। वहीं 12वीं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए 6 किताबों की अनुमति होगी जिनका वजन 4,182 किलो होगा। 

इसके अलावा इस पॉलिसी में बच्चों की पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाने के लिए भी कहा गया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक सर्वे करवाया गया, और एक उच्च स्तरीय कमेटी बनवाई गई। जिसके विस्तृत अध्ययन के बाद इस पॉलिसी को लाया गया है। 

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