Monday, Jan 24, 2022
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सेंट्रल विस्टा : साझा केंद्रीय सचिवालय के भवनों के लिए 4 कंपनियों ने सौंपी तकनीकी निविदा

  • Updated on 9/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। टाटा प्रोजेक्ट््स और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड सहित चार कंपनियों ने सेंट्रल विस्टा पुर्निवकास परियोजना के तहत साझा केंद्रीय सचिवालय के तीन भवनों के निर्माण की खातिर तकनीकी निविदा सौंपी है। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी। अधिकारी ने बताया कि दो अन्य कंपनियां हैं एलएंडटी कंस्ट्रक्शंस और एनसीसी लिमिटेड।   

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  उन्होंने बताया कि इन कंपनियों की वित्तीय निविदा में हिस्सा लेने की योग्यता की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन चारों कंपनियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पूरी होते ही वित्तीय निविदा जारी की जाएगी।      सेंट्रल विस्टा पुर्निवकास परियोजना का कामकाज देख रहे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने साझा केंद्रीय सचिवालय के तीन भवनों के निर्माण एवं देखरेख की प्राक्कलित राशि में इसी महीने संशोधन किया था।  

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    तीनों भवनों के निर्माण एवं देखरेख की प्राक्कलित राशि को 3408 करोड़ रुपये से संशोधित कर 3254 करोड़ रुपये किया गया है। तीनों भवन उस भूभाग पर बनाए जाएंगे जहां वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र स्थित है।      टाटा प्रोजेक्ट््स लिमिटेड जहां नए संसद भवन को बना रहा है वहीं शपूरजी पैलोनजी एंड कंपनी लिमिटेड सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुर्निवकास का काम कर रहा है जो राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला है।


नया संसद भवन विशालता का बेहतरीन नमूना होगा: केंद्रीय आवास सचिव 
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भूकंपीय क्षेत्र-4 की श्रेणी में आता है लेकिन नए संसद भवन का निर्माण भूकंपीय क्षेत्र-5 को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाएगा और यह पांच सितारा प्लैटिनम की शीर्ष हरित रेटिंग के लिए अर्हता प्राप्त करेगा। एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि नया भवन लाल और पीले पत्थरों की पच्चीकारी के साथ मौजूदा संसद भवन की ‘‘जुड़वां बहन’’ की तरह दिखेगा। मिश्रा ने नए भवन के निर्माण के लिए पेड़ों के नुकसान से जुड़ी आशंकाओं को भी दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि पेड़ काटे नहीं गए हैं बल्कि उन्हें दूसरी जगह लगाया गया है और उनमें से 80 प्रतिशत पेड़ बचे हुए हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हटाए गए पेड़ों के बदले में 4400 पौधे लगाए जा रहे हैं।  

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    मिश्रा ने दावा किया कि नयी इमारतों में अत्याधुनिक तकनीकी विशेषताएं होंगी, जो इसे साइबर खतरे समेत किसी भी खतरे से सुरक्षित बनाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नया संसद भवन कौशल, गति और विशालता का बेहतरीन नमूना होगा।’’      उन्होंने कहा कि वर्तमान संसद भवन को ‘‘मीटिंग हॉल’’ के रूप में बनाया गया था और बाद में इसमें बदलाव कर दो मंजिलें जोड़ी गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप धूप नहीं आती थी। मिश्रा ने कहा कि नयी इमारत आकर्षक और ‘जनता की संसद’ की तरह दिखेगी। उन्होंने कहा कि चौबीसों घंटे काम चल रहा है, नया भवन अक्टूबर 2022 की समय सीमा में तैयार हो जाएग। उन्होंने कहा कि अगले साल शीतकालीन सत्र नए भवन में होगा।

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