Saturday, Jul 31, 2021
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central vista project hearing in delhi high court on plea to stop construction prshnt

सेंट्रल विस्टा निर्माण रोकने की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने रखा पक्ष

  • Updated on 5/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में कोरोना का कहर तेजी से जारी है वहीं दूसरी ओर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर  लगातार सवाल उठ रहे हैं और इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की मांग की जा रही है, वहीं इससे जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में मंगलवार को सुनवाई हुई। जिसमें केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के निर्माण का बचाव करते हुए कहा कि मजदूर इस काम में कोरोना कर्फ्यू से पहले ही जुट गए थे। इस कारण निर्माण कार्य में लगे सभी मजदूरों का हेल्थ इंश्योरेंस है और निर्माण साइट पर रहने समेत तमाम कोरोना बचाव सबंधी सुधिवाएं भी हैं। केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि अदालत में ये याचिका झूठ के आधार पर दायर की गई है। आगे इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। 

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसी ही एक याचिका दायर की गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल दखल देने से मना कर दिया था।

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उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास को शिफ्ट करने की योजना
सेंट्रल विस्टा रीडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट में मौजूदा संसद भवन के पास नया त्रिकोणीय संसद भवन, कॉमन केंद्रीय सचिवालय और तीन किलोमीटर लंबे राजपथ को रीडेवलेप करना है। सूत्र से जडानकारी मिली है कि, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के करीब शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि इससे क्षेत्र में ट्रैफिक को आसान बनाने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि वीवीआईपी मूवमेंट के कारण से  अक्सर लुटियंस में लोगों को दिक्कत होती है।

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केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का दफ्तर 
प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्र ने बताया, पीएम का आवास और ऑफिस काफी करीब होगा। इसके साथ ही नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को दो संग्रहालयों में बदलने की भी योजना है। नई संसद भवन में 900 से 1,200 सांसदों की बैठने की क्षमता होगी।

जानकारी के अनुसार नए संसद भवन में आरामदायक सीट के साथ हर सीट पर कम्प्यूटर स्क्रीन होगी। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का दफ्तर भी होगा। वहीं इश त्रिकोणीय संसद भवन के निर्माण करा लक्ष्य अगस्त 2022 तक करने का है, वहीं 2024 तक कॉमन केंद्रीय सचिवालय के निर्माण की संभावना है।

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पिछले साल आया था प्रोजेक्ट
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में ही सेंट्रल विस्टा रीडेवलेपमेंट प्रोजेक्ट की वास्तुकला और इंजीनियरिंग प्लानिंग का कांट्रैक्ट गुजरात की आर्किटेक्चर फर्म एचसीपी डिजाइंस को 229.75 करोड़ में दिया गया है।

फर्म की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट का मास्टर परियोजना तैयार करने की होगी, जिसमें डिजाइन, लागत अनुमान, लैंडस्केप और ट्रैफिक इंटीग्रेशन प्लान और पार्किंग की सुविधा शामिल है।

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