Friday, May 14, 2021
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चमोली में बारिश के बीच राहत कार्य पहुंचाना चुनौती, जवान मुश्तैद

  • Updated on 2/10/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा से निपटने की पूरी कोशिश जारी है। वहीं लगातार राहत कार्य तेज कर दिये गए है। इस बीच तपोवन क्षेत्र में मौसम खराब होने से राहत कार्य भी प्रभावित हुई है। एक आंकड़े के अनुसार अभी-भी 206 लोग लापता है। जिसमें  अभी 32 लोगों के शव मिले है। वहीं 10 शव  क्षत विक्षत अवस्था में मिले है। इसके वाबजूद 172 लोग अभी-भी लापता है।

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बता दें कि चमोली जिले में गेलेशियर के फटने के बाद आए बाढ़ ने प्रदेश के लिये एक चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं टनल से अब तक 35 मजदूरों को निकाला गया है। वहीं रात भर भी टनल से मलबा हटाने का काम होता रहा।इसके लिये ड्रोन का भी सहारा लिया जा रहा है। वहीं एसडीआरएफ और पुलिस के जवान रात-दिन लापता लोगों की खोज में अभियान चलाये हुए है। उधर बीते 7 फरवरी को आपदा आने के बाद से  विष्णुप्रयाग और चमोली के कई घरों में दरारें भी सामने आई है।

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मालूम हो कि आपदा को भले ही चार दिन हो गया हो लेकिन लोग अभी-भी डरे हुए है। अलकनंदा नदी के किनारे मलबा, कीचड़ व लकड़ियों के ढेर देखे जा सकते है। जबकि मछलियों के सड़ने से दुर्गंध फैल गया है। वहीं लापता लोगों की खोज में पुलिस और एसडीआरएफ ही नहीं बल्कि उनके परिजन भी खोज में जुटे हुए है। हर जगह लोगों को परेशान देखा जा सकता है। दूसरी तरफ जोशीमठ में एक बैठक आईटीबीपी, सेना और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने राहत कार्य का जायजा लिया है।

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