Thursday, Jul 18, 2019

आसान नहीं महिलाओं के लिए राजनीति: जानें, क्यों आत्महत्या करने का मन बना चुकी थीं जया प्रदा

  • Updated on 2/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  जिस देश में महिला का विकास नही वो देश कभी तरक्की नहीं कर सकता। इस तरह की बातें आजकल खूब सुनाई दे रही है। जनाब सुनने को तो मिलेंगी ही क्योंकि सुना है देश में चुनावी रंग चढ़ चुका है। महिला सश्क्तिकरण की बातों को लेकर हम सभी लाखों दावे करते है। आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में अपना जगह बना रही हैं। चलिए बात चुनावी माहौल की हो रही थी तो कांग्रेस सरकार ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार आती है तो वो महिला आरक्षण विधेयक को पारित करवाएंगे। 

मतलब कि महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने ये फैसले लिया है। राहुल गांधी ने कहा कि  मैं महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी देखना चाहता हूं।

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क्या है विधेयक का उद्देश्य

गौरतलब है कि इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करना है। इस मुद्दे पर आमराय नहीं बन पाने के चलते यह विधेयक लंबे समय से लंबित है।

प्रियंका की राजनीति में एंट्री और भद्दे कमेंट्स की बाढ़

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हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के कंधों पर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी डाल दी है। उन्हें राज्य का महासचिव बनाया गया है। अब सवाल ये है कि क्या महिलाओं के लिए राजनीति में आना आसान है। हाल ही में जब प्रियंका ने कार्यभार संभाला है तब से उनके खिलाफ घटिया मीम्स और भद्दें कमेंट किए जा रहे है। जबकि उनका परिवार राजनीति से ही तालुख रखता है उनके परिवार से ही तीन-तीन प्रधानमंत्री दिए है। 

ये तो बात रहीं हाल ही में राजनीति में एंट्री करने वाली प्रियंका गांधी की जो महिलाएं पहले से राजनीति में है जिन्हें इस तरह के हालातों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में सत्ता में काबिज एनडीए सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी अक्सर लोगों के टारगेट पर रहती हैं। उनके रीजनीति में शामिल होने से लेकर कैबिनेट मंत्री बनने तक कई तरह के कमेंट्स किए गए हैं। सोशल मीडिया के अलावा खुद पार्टी के पुरुष नेताओं की सोच से भी ये साफ दिखता है कि महिलाओं की भागेदारी से वो कितना असहस महसूस करते है।

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स्मृति ईरानी की बात करे तो उनके मंत्री बनने को लेकर लोगों ने अनकी काबिलियत को खूब आंका है। बीजेपी के नेता शत्रुघ्न खुद एक एक्टर रह चुके हैं, लेकिन एक्ट्रेस रह चुकी स्मृति ईरानी का मंत्री बनना उनको हमेशा खटकता रहा है।वो हमेशा स्मृति ईरानी की काबलियत को शक की नजर से देखते हैं

हाल ही में शत्रुघ्न ने दिया था ये जवाब 

2014 के लोकसभा चुनाव में मैंने सबसे ज्यादा वोट जीते थे लेकिन उसके बाद भी मुझे मंत्री नहीं बनाया गया एक टीवी एक्ट्रेस को सीधा मंत्री बना दिया गया। 

जया प्रदा को भी बनाया गया पुरुषवादी मानसिकता का शिकार     

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हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जया प्रदा ने बताया था कि जब वो राजनीति में आई थी तो उनका नाम अमर सिंह के साथ जोड़ा गया था। उनकी अपनी पार्टी के लोगों ने उनके खिलाफ इस तरह की बातें कहीं थी। 

आत्महत्या करने का मन बना चुकी थी जया प्रदा

जया प्रदा ने कहा था कि मुलायम सिंह जी ने मुझे एक बार फोन तक नहीं किया। जब मेरी इस तरह की झूठी तस्वीरें वायरल हो रही थी। तब मेरे मन में आत्महत्या का विचार आया था। जया प्रदा ने कहा था कि अमर सिंह जिस वक्त डायलिसिस पर थे तब मेरी तस्वीरों में हेर फेर करके उसे सभी जगह फैला दिया था। 

हेमा मालिनी पर किए गए ऐसी टिप्पणियां

बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी मथुरा से बीजेपी सांसद हैं। हेमा मालिनी  शास्त्रीय नृत्य बहुत अच्छा करती है ये तो हम सभी जानते है। कई बार उनके नृत्य को लेकर भद्दे कमेंट्स किए जाते है। कुछ ही दिन पहले मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा था कि ये बीजेपी के लिए दुर्भाग्य है कि उनकी पार्टी में खुरदुरे चेहरे है जिनको लोग नापसंद करते हैं। हेमा मालिनी से जगह-जगह शास्त्रीय नृत्य कराते रहते हैं और उससे वोट कमाने की कोशिश करते रहते है। 

महिलाओं के लिए राजनीति कभी भी आसान नहीं रही उन्हें हमेशा ही इस तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ता रहा है। आखिर क्यों सामाज और पुरुष इस बात को स्वीकार नहीं कर पाते की महिलाएं राजनीति में आए। 

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