Monday, Jul 22, 2019

चंदा कोचर के देवर ने लुकआउट सर्कुलर को लेकर कोर्ट में लगाई गुहार

  • Updated on 5/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर ने दिल्ली की एक अदालत में बुधवार को उनके खिलाफ जारी निगरानी सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। उनके खिलाफ कथित तौर पर बैंक ऋण धोखाधड़ी तथा मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज है। 

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अदालत संभवत: बृहस्पतिवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी। चंदा, उनके पति दीपक कोचर और देवर राजीव कोचर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की है। ईडी उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत जांच कर रहा है। राजीव से सीबीआई पूर्व में भी पूछताछ कर चुकी है। वह सिंगापुर की एविस्टा एडवाइजरी के संस्थापक हैं। 

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राजीव से सीबीआई के अधिकारियों ने वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से मिले कर्ज में उनके द्वारा दी गई मदद के बारे में पूछा है। समूह के मुख्य प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत को 20 बैंकों के गठजोड़ ने 400 अरब रुपये का कर्ज दिया था। इनमें आईसीआईसीआई बैंक भी शामिल है। चंदा, उनके परिवार और धूत के मुंबई और औरंगाबाद परिसरों में छापेमारी की गई थी। 

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 ईडी ने इस साल के शुरू में चंदा, दीपक और धूत और अन्य के खिलाफ आईसीआईसीआई बैंक द्वारा कॉरपोरेट समूह को दिए गए 1,875 करोड़ रुपये के कर्ज मे कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के व्यवहार के लिए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दायर किया था। 

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यह कार्रवाई सीबीआई की प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर की गई थी। सीबीआई ने इस मामले में इन तीनों के अलावा धूत की कंपनियों वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लि. और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लि. के खिलाफ मामला दायर किया था।  

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