Monday, May 16, 2022
-->
chandra-grahan-2020-lunar-eclipse-on-5-july-know-timings-prsgnt

आज लगा साल का तीसरा चंद्र ग्रहण, आप पर पड़ने वाले प्रभाव को इन मंत्रों से करें निष्क्रिय

  • Updated on 7/5/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इस साल का तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई यानि आज पड़ा है। इस बारे में जानकारों का कहना है कि ये चंद्र ग्रहण एक उपछाया ग्रहण होगा इसलिए इसका ज्योतिष शास्त्र के अनुसार असर न के बराबर होगा।

भले ही इसका दुष्प्रभाव नहीं होगा। लेकिन इसके बावजूद सावधानी रखने को कहा जाता है। इस चंद्र ग्रहण की उपछाया को धनुर्धारी चंद्रग्रहण भी कहते हैं।

NASA ने 10 साल रखी सूर्य पर नजर, जारी किया वीडियो, देखिए 1 सेकेंड में एक दिन की अद्भुत तस्वीरें

चंद्रग्रहण का समय
5 जुलाई यानि आज गुरु पूर्णिमा भी है, इस दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण की शुरूआत सुबह 08 बजकर 38 मिनट पर हुई। इसका परमग्रास समय 09 बजकर 59 पर हुआ। जबकि इसका मोक्ष काल दिन में 11 बजकर 21 मिनट  तक रहा। इस हिसाब से पूरे चंद्र ग्रहण का कुल समय 02 घण्टा 43 मिनट 24 सेकेंड है।

SpaceWalk के दौरान NASA Astronaut से अंतरिक्ष में गलती से गिरा शीशे का टुकड़ा, जानिए क्या होगा असर!

कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
गुरुपूर्णिमा को लगने वाला ये चंद्र ग्रहण अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप में दिखाई देगा। लोगों का सवाल था कि ये ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं, तो बता दें ये भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक भी भारत में मान्य नहीं होगा। ये भी बता दें कि सूतक के सभी नियम पूर्ण ग्रहण पड़ने पर ही माने जाते हैं।

खिसक रही है धरती, बड़े हो रहें हैं पहाड़, धरती के केंद्र में हो रही है ये कैसी हलचल, पढ़ें रिपोर्ट

चंद्र ग्रहण का प्रभाव
जानकारों के अनुसार, सूर्य ग्रहण का प्रभाव 21 जून से 21 दिनों तक रहता है लेकिन इस बीच 5 जुलाई को चंद्र ग्रहण लगने से परिस्थितियों में बदलाव आ सकता है। या यूं कहे कि बिगड़ सकती हैं। हालांकि इससे घबराने की कोई बात नहीं है।

दरअसल, जानकर मानते हैं कि एक महीने के अंदर कितने भी ग्रहण लगे हों, उन्हें एक ही माना जाता है क्योंकि ये सभी पूर्ण नहीं होते, इन तीनों ग्रहण में से सिर्फ सूर्य ग्रहण ही पूर्ण ग्रहण था, इसलिए इसी का प्रभाव ज्यादा मायने रखता है।

नासा दे रहा है ये चैलेंज, पूरा करने वाले को मिलेंगे 26 लाख रुपए, ऐसे करना होगा अप्लाई...

मंत्र का करें जाप
मान्यताओं की माने तो ग्रहण के वक्त चंद्रमा या सूर्य पीड़ित होते हैं, इसलिए इस समय धार्मिक और मांगलिक कार्यों को न करने की सलाह दी जाती है। इस समय व्यक्ति को ईश्वर का ध्यान करना चाहिए, खासकर श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करना चाहिए।

इस दिन “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” या “श्रीकृष्णाय श्रीवासुदेवाय हरये परमात्मने, प्रणत:क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

रोज एक सूर्य निगल रहा है ये ब्लैकहोल, धरती के सूर्य पर भी कर सकता है जल्द हमला!

भारत में दिखाई न देने का प्रभाव
हम सभी जानते हैं कि विदेशों में धार्मिक मान्यताएं अलग है इसलिए वहां ग्रहण के पड़ने का असर मानना और न मानना भारतीय लोगों के विश्वास पर आधारित होता है लेकिन जब ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है तब भी पूजा-पाठ करना सही है या नहीं?

इस बारे में जानकारों का कहना है कि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा लेकिन क्योंकि ये ब्रह्मांड की रचना है और हम धार्मिक मान्यताओं को मानते हैं इसलिए सम्पूर्ण विश्व पर इसका प्रभाव पड़ता है। भारतीय लोग अपनी इच्छा, विश्वास और मान्यताओं के अनुसार इसे माने और इस दौरान ईश्वर का ध्यान करें, ताकि उनपर इसका नकारात्मक प्रभाव यदि है, तो न पड़े।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.