Chandrayaan 2 sends the moons first look first pictures sent by lander Vikram

चंद्रयान-2 ने पहली बार कराया चांद का दीदार, लैंडर विक्रम ने भेजी पहली तस्वीर

  • Updated on 8/23/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। स्वदेश (Made In India) में निर्मित भारत (India) के महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program) चंद्रयान-2 (Chandrayan-2) ने अपने सफर के दौरान चांद की पहली तस्वीर (First Photo of Moon) भेजी है। चन्द्रमा (Moon) की यात्रा पर गए चन्द्रयान-2 के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) ने चांद की सतह से 2,650 किलोमीटर की दूरी से ये तस्वीर भेजी है। इसरो (ISRO) ने तस्वीर को अपने ट्विटर (Twitter) अकाउंट से भी शेयर किया है। इस तस्वीर में मेयर ओरिएंटेल बेसिन (Mare Orientale basin) और अपोलो क्रेटर्स (Apollo Craters) को भी देखा जा सकता है। चंद्रयान-2 ने 21 अगस्त को चंद्रमा की ये तस्वीर ली है। 21 अगस्त को चंद्रयान-2 चांद की दूसरी कक्षा में पहुंचा है।

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6 सितंबर को चांद की सतह पर पहुंचेगा चंद्रयान-2

आपको बता दें कि 4 अगस्त को भी चंद्रयान-2 ने पृथ्वी की तस्वीरें भेजी थीं। चंद्रयान-2 के लैंडर-विक्रम 6 सितंबर को चांद की सतह पर पहुंचेगा और उसके बाद प्रज्ञान (Pragyan) चांद की सतह पर प्रयोग करेगा। अमेरिका (USA), रूस (Russia) और चीन (China) के बाद भारत चौथा देश है, जिसने चांद पर अपना अंतरिक्ष मिशन भेजा है। 

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चंद्रयान-2 को पार करना होगा चांद की 4 कक्षाएं

चांद की सतह से चंद्रयान-2 के मिशन की दूरी महज अब 18 हजार किलोमीटर रह गई है। अब उसे 20 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चंद्रमा की 4 और कक्षाओं में प्रवेश करना होगा। इसरो प्रमुख के सिवन का कहना है कि 'चंद्रयान-2 बुधवार से चांद की चार कक्षाओं को पार करना शुरू कर चुका है। इसके बाद 28 अगस्त, 30 अगस्त और 1 सितंबर को तीन कक्षाएं पार करेगा। तब चांद से चंद्रयान-2 की दूरी 100 किलोमीटर रह जाएगी।' 

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भारत का दूसरा चंद्र अभियान

भारत के ISRO का ये दूसरा चंद्रयान अभियान है। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ISRO के सबसे भारी रॉकेट GSLV-Mark 3 की मदद से प्रक्षेपित किया गया था। बता दें कि भारत ने 2008 में आर्बिटर मिशन चंद्रयान-1 भेजा था। यान ने करीब 10 महीने चांद की परिक्रमा करते हुए कई प्रयोग किए। चांद पर पानी की खोज भी इसी अभियान के तहत भारत ने किया था।  

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