Wednesday, Dec 01, 2021
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chandrayaan2 isro lost the contact of lander vikram about 2 km before the moon

#Chandrayaan2: चांद की सतह से 2 किमी पहले टूटा लैंडर विक्रम का संपर्क और फिर...

  • Updated on 9/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश (India) के सबसे बड़े अंतरिक्ष अभियानों (Space Programs) में से एक चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) आज रात को करीब 2 बजे लैंडिंग (Landing) से बस 2 किमी पहले ही इसके लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया है। लेकिन वैज्ञानिकों (Scientist) को अब भी इसके असफल होने की उम्मीद नहीं है। ISRO के येयरमैन के सीवन ने कहा है इसके आकणों का अध्ययन किया जा रहा है। और इसके लैंडिंग डेटा का आकलन किया जा रहा है। जिसके बाद ही ISRO ये बता पाएगा कि विक्रम (Vikram Lander) ने की लैंडिंग सफल हुई है या इसने क्रैश लैंडिंग की है। तो वहीं इस सांस रोक देने वाले मिशन के बारे में पीएम मोदी (PM Modi) ने देश के वैज्ञानिकों की खूब हौसला हफजाई की। 

ISRO विक्रम लैंडर के आंकड़ों का कर रहा है इंतजार

ISRO विक्रम लैंडर के आंकड़ों का इंतजार कर रहा है। चांद से ठीक पहले चंद्रयान का संपर्क टूटने से वैज्ञानिकों के चेरहों पर चिंता की लकीरें जरूर आई हैं। लेकिन ISRO मुख्यालय में मौजूद पीएम मोदी ने कहा कि 'वैज्ञानिकों आपने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। हमारी यात्रा जारी रहेगी।' कि यात्रा जारी रहेगी।

1.52 बजे चांद की सतह पर चंद्रयान-2 को करना था लैंड

बता दें कि इससे पहले रात 1.52 बजे चांद की सतह पर चंद्रयान-2 को लैंड करना था। इस ऐतिहासिक पल को अपना यादों में कैद करने के लिए पीएम मोदी भी इसरो सेंटर पहुंचे थे। बता दें की इस मिशन की कामयाबी पर भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाता। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ही चांद की सतह पर अपने रोवर या लैंडर को उतारा हैं। लेकिन भारत का चंद्रयान-2 मिशन बाकी देशों के मिशन से काफी सस्ता है। 

ISRO के वैज्ञानिकों ने की है कई सालों की मेहनत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिक कई सालों से दिन-रात एक करके इस मिशन को सफल बनाने में जुटे थे। लेकिन लैंडर विक्रम से संपर्क अचानक टूट जाने से उससे दोबारा संपर्क नहीं हो पाया। जिसको लेकर वैज्ञानिकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। ये वो पल था जब चंद्रयान मिशन के रॉकेट लांचर का सबसे आगे का हिस्सा विक्रम लैंडर सॉफ्ट लैंडिंग करने जा रहा था। तभी ISRO में सन्नाटा छा गया। 

2.1 किमी की दूरी पर विक्रम से संपर्क टूट

वैज्ञानिकों ने देर रात तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था कि विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग हो गई है या नहीं। फिर इसरो ने रात 2 बजकर 18 मिनट पर कहा कि आंकड़ों का अध्ययन हो रहा है। बता दें कि विक्रम लैंडर चांद से 2.1 किमी की दूरी पर था तभी विक्रम से संपर्क टूट गया। आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए वैज्ञानिकों से हौसला बरकरार रखने की बात कही।

 

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