Sunday, May 22, 2022
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पंजाब चुनाव : भाई को मनाने में जुटे CM चन्नी की मंत्री राणा गुरजीत के बेटे ने बढ़ाई मुश्किलें

  • Updated on 1/17/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को कहा कि वह कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने से नाराज अपने भाई मनोहर सिंह से बात करेंगे। मनोहर सिंह ने रविवार को कहा था कि वह कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ बस्सी पठाना विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगे, जिसके बाद चन्नी की प्रतिक्रिया सामने आई है।  सिंह, बस्सी पठाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट की उम्मीद लगाए हुए थे। कांग्रेस ने 86 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में शनिवार को बस्सी पठाना (सुरक्षित) सीट से पार्टी विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी को टिकट दिया। 

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चन्नी ने इस बात का संकेत दिया कि वह कांग्रेस के मौजूदा विधायक और उम्मीदवार गुरप्रीत के खिलाफ चुनाव नहीं लडऩे के संबंध में अपने भाई से बात करने का प्रयास करेंगे। चन्नी ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘’वह टिकट चाहते थे लेकिन पार्टी ने इंकार कर दिया। गुरप्रीत भी हमारे भाई हैं। हम उन्हें बिठाकर बात करेंगे और मुद्दे का समाधान हो जाएगा।‘‘ मनोहर सिंह ने गुरप्रीत सिंह जीपी को टिकट देने संबंधी कांग्रेस के फैसले को निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ ‘‘अन्याय’’ करार दिया था और आरोप लगाया था कि मौजूदा विधायक ‘‘अक्षम और अप्रभावी’’ है। 

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मनोहर सिंह कहा था, ‘‘बस्सी पठाना क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों ने मुझे निर्दलीय के रूप में लडऩे के लिए कहा है और उन्होंने जो कहा है, मैं उसका पालन करूंगा। वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है और मैं निश्चित रूप से चुनाव लड़ूंगा।’’ सिंह ने पिछले साल अगस्त में खरड़ सिविल अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया था। सिंह ने एमबीबीएस और एमडी किया है। उनके पास पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्री भी है और उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की है।

राणा गुरजीत के बेटे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़े होंगे
पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह ने सोमवार को घोषण की कि वह कपूरथला जिले की सुल्तानपुर लोधी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। पंजाब विधानसभा चुनावों के उम्मीवारों की पहली सूची में कांग्रेस ने सुल्तानपुर लोधी विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक नवतेज सिंह चीमा को टिकट दिया है, जिसके बाद राणा इंदर प्रताप सिंह ने यह घोषणा की। 

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इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह ने रविवार को कहा था कि वह बस्सी पठाना विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगे, जहां से कांग्रेस ने मौजूदा विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी को टिकट दिया है। राणा इंदर प्रताप सिंह ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगा।’’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन टिकट नवतेज चीमा को दे दिया गया। 

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राणा इंदर प्रताप सिंह ने दावा किया कि ब्लॉक समिति सदस्यों, जिला परिषद अध्यक्ष और इलाके के सरपंचों ने उन्हें समर्थन दिया था और उनसे सुल्तानपुर लोधी सीट से खड़े होने को कहा था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में चीमा की जमानत भी जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार हुआ है। महिलाओं समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।’’ 

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राणा इंदर प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए विकास कोष आया, ‘‘लेकिन इस कोष के एक बड़े हिस्से का दुरुपयोग किया गया और इस निर्वाचन क्षेत्र के लोग इससे नाराज हैं।’’ पंजाब के तकनीकी शिक्षा मंत्री राणा गुरजीत सिंह कपूरथला सीट से विधायक हैं। कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर कपूरथला से मैदान में उतारा है।

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