Monday, Jan 21, 2019

पूजा के बाद इस वजह से किया जाता भगवान शिव के मंत्र का जाप

  • Updated on 12/14/2018

नई दिल्ली/डिजिटल। हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। घर में सुबह-सुबह पूजा करना शुभ माना जाता है। भगवान की अर्चना करने से मन भी शांत रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रही है।
 
आपने अक्सर देखा होगा कि जब भी मंदिरों में या हमारे घर में जब भी कोई पूजन कार्य होता हैं तो वहां कुछ मंत्रों का जाप जरुरी रूप से किया जाता है। सभी देवी-देवताओं के मंत्र अलग-अलग हैं, लेकिन जब भी आरती पूरी होती है तो एक मंत्र हर बार बोला जाता है। ये मंत्र है-

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कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि।।

इसका अर्थ इस प्रकार है-

 

कर्पूरगौरं- जो कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले।

करुणावतारं- करुणा के जो साक्षात् अवतार हैं।

संसारसारं- जो समस्त सृष्टि के जो सार हैं।

भुजगेंद्रहारम्- इस शब्द का अर्थ है जो सांप को हार के रूप में धारण करते हैं।

सदा वसतं हृदयाविन्दे भवंभवानी सहितं नमामि- इसका अर्थ है कि जो शिव, पार्वती के साथ सदैव मेरे हृदय में निवास करते हैं, उनको मेरा नमन है।

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मंत्र का पूरा अर्थ- जो कर्पूर जैसे गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं, संसार के सार हैं और भुजंगों का हार धारण करते हैं, वे भगवान शिव माता भवानी सहित मेरे हृदय में सदैव निवास करें और उन्हें मेरा नमन है।

आरती के बाद इस मंत्र का जाप क्यों करते हैं?
किसी भी पूजा के पहले जैसे भगवान गणेश की स्तुति की जाती है। उसी तरह किसी भी देवी-देवता की आरती के बाद कर्पूरगौरम् करुणावतारं मंत्र का जाप करने का अपना महत्व है। पुराणों के अनुसार शिवजी की इच्छा मात्र से ही इस सृष्टि की रचना ब्रह्माजी ने की है। भगवान विष्णु इसका संचालन कर रहे हैं। इसी वजह से शिवजी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। सभी देवी-देवताओं की पूजा में इनका ध्यान करने से पूजा सफल होती है और सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं।

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शिव को जीवन और मृत्यु का देवता माना गया है। इसी के साथ इन्हें पशुपतिनाथ भी कहा जाता है। पशुपति का अर्थ है संसार के जितने भी जीव हैं (मनुष्य सहित) उन सब का अधिपति, इसीलिए इस स्तुति का पाठ आरती के बाद किया जाता है और प्रभु से प्रार्थना की जाती है कि वह हर प्राणी के मन में वास करें। इसी के साथ हमारे मन से मृत्यु का भय दूर करके हमारे जीवन को सुखमय बनाए रखें।

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