Sunday, Apr 18, 2021
-->
chargesheet filed against bhupinder hooda 4 retired ias officers in money laundering case rkdsnt

धन शोधन मामले में हुड्डा, 4 रिटायर्ड IAS अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

  • Updated on 2/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। प्रवर्तन निदेशालय ने 2013 में पंचकुला क्षेत्र में 14 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितता से जुड़े धन शोधन के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चार सेवानिवृत्त अधिकारियों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया है कि हुड्डा से जुड़े करीबी लोगों के आवेदन को आगे बढ़ाया गया और उन्हें इन भूखंडों के आवंटन किए गए। 

JNU राजद्रोह मामला: अदालत ने कन्हैया कुमार के खिलाफ दायर चार्जशीट का लिया संज्ञान

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री (हुड्डा) के जान पहचान वालों को भूखंड आवंटित किए गए। हरियाणा सतर्कता ब्यूरो ने इन कथित अनियमितताओं की जांच के लिए 2015 में एक मामला दर्ज किया था और इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी ने भी मामले दर्ज किए। 

भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ कोर्ट में केस दायर, राहुल पर की थी टिप्पणी

एजेंसी ने हुड्डा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धर्म पाल सिंह नागल (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हुडा के तत्कालीन प्रमुख प्रशासक), सुरजीत सिंह (हुडा के तत्कालीन प्रशासक), सुभाष चंद्र कंसल (वित्त विभाग के पूर्व नियंत्रक, हुडा), नरेंद्र कुमार सोलंकी (हुडा के फरीदाबाद जोन के पूर्व जोनल प्रशासक) के अलावा भारत भूषण तनेजा (तत्कालीन अधीक्षक, हुडा) और सभी 14 आवंटियों और औद्योगिक भूखंडों के लाभार्थियों के नामों को आरोपपत्र में शामिल किया है।

ग्रेटा टूलकिट मामले में आरोपी शांतनु मुलुक को कोर्ट से राहत, निकिता पर फैसला कल 

ईडी ने कहा है कि पंचकुला में विशेष अदालत के सामने धन शोधन रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दाखिल की गयी है। ये सभी भूखंड पंचकुला में हैं और आवंटन 2013 में हुए थे। एजेंसी ने कहा है कि जांच में पता चला कि आपराधिक साजिश के कारण हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री और हुडा के पदेन अध्यक्ष, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों और हुडा के अन्य अधिकारियों ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री के जान पहचान वालों को 14 भूखंड आवंटित कर अवैघ तरीके से लाभ पहुंचाया और योग्य आवेदकों को आवंटन नहीं किया गया। 

OTT प्लेटफॉर्म को रेग्युलेट करने को लेकर मोदी सरकार ने कोर्ट में साफ किया अपना रूख

 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...


 

comments

.
.
.
.
.