Friday, Dec 09, 2022
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चौरी- चौरा शताब्दी समारोहः PM मोदी ने शहीद बलिदानियों का किया नमन

  • Updated on 2/4/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटिल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) में चौरी- चौरा (Chauri Chaura) शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री ने वीर शहीदों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौरी-चौरा की घटना पर प्रकाश डाला। प्रदेश की योगी सरकार चौरी-चौरा घटना का शताब्दी समारोह मना रही है।


पीएम मोदी ने शहीदों के चरणों में किया प्रणाम
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, 'चौरी चौरा की पवित्र भूमि पर देश के लिए बलिदान होने वाले, देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा देने वाले वीर शहीदों के चरणों में मैं प्रणाम करता हूं, आदरपूर्वक श्रद्धाजंलि देता हूं। उन्होंने कहा,100 वर्ष पहले चौरी-चौरा में जो हुआ वो सिर्फ एक आगजनी की घटना,एक थाने में आग लगाने की घटना नहीं थी, चौरी-चौरा का संदेश बहुत बड़ा था। अनेक वजहों से पहले जब भी चौरी-चौरा की बात हुई उसे एक मात्र मामूली आगजनी के संदर्भ में ही देखा गया,लेकिन आगजनी की क्या वजह थी, ये भी महत्वपूर्ण है।

जन-जन के दिलों में प्रज्ज्वलित हो चुकी थी आग- पीएम
चौरी-चौरी घटना का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, 'आग थाने में नहीं लगी थी, आग जन-जन के दिलों में प्रज्ज्वलित हो चुकी थी। चौरी-चौरा के ऐतिहासिक संग्राम को आज देश के इतिहास में जो स्थान दिया जा रहा है, उससे जो जुड़ा हुआ प्रयास हो रहा है वो प्रशंसनीय है।

प्रधानमंत्री ने बजट पर बात करते हुए कहा, 'इस बजट में देशवासियों पर कोई बोझ नहीं बढ़ाया गया। बल्कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ज़्यादा से ज़्यादा खर्च करने का फैसला लिया है। ये खर्च देश में चौड़ी सड़के बनाने के लिए होगा, नई बसें और रेल चलेगी, युवाओं को ज़्यादा अच्छे अवसर मिले उसके लिए बजट में अनेक फैसले लिए हैं:

सीएम योगी ने कही ये बात
इसके अलावा प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 4 फरवरी 1922 को स्वाधीनता संघर्ष में यहां पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष में पुलिस की गोली से स्वाधीनता के लिए संघर्ष  करने वाले 3 सेनानी शहीद हुए थे। उसके बाद 228  पर ब्रिटिश हुकुमत ने मुकदमा चलाया था जिनमें 225 को सजा दी गई थी।

कब हुआ चौरी-चौरा कांड
स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी इस घटना को चौरी चौरा कांड के नाम से अमर कर दिया गया है। ये घटना 4 फरवरी 1922 को ब्रिटिश भारत के उस समय के संयुक्त राज्य के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक जगह पर उस समय हुई जब असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शनकारियों का एक समूह पुलिस से भिड़ गया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा इस कदर बढ़ गई कि भीड़ ने पुलिस ने तीन नागरिकों को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। अपने साथियों की मौत से आक्रोशित हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में कुल तीन प्रदर्शनकारी और 22 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी।

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घटना में कुल 222 लोगों को बनाया गया था आरोपी   
अंग्रेजी हुकूमत ने इस घटना में कुल 228 लोगों को आरोपी बनाया। जिसके बाद लाख गुहार लगाने के बाद भी 19 लोगों को 2 जुलाई 1923 को फांसी की सजा सुना दी गई। यही वो घटना थी जिसने देश में दो दलों को जन्म दिया, जिन्हें आगे चलकर नरम दल और गरम दल के नाम से जाना गया। 

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