Saturday, Apr 20, 2019

होली के रंगों में भी है 'केमिकल लोचा': इन खतरनाक कलर्स से खुद को बचाएं

  • Updated on 3/20/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। होली के रंगों की बात करें तो हर कोई इन्हें खेलना पंसद करता है लेकिन इनको खेलने के कई खतरें भी मौजूद हैं। किसी जमाने में टेसू के फूलों से खेली जाने वाले होली अब केमिकल रंगों से भर गई है। केमिकल रंग इनकी जगह ले चुके हैं और ये त्वचा को बेहद नुकसान पहुंचाते हैं।

मेंहदी और हल्दी से खेलते थे रंग

किसी जमाने में पीले रंग के लिए हल्दी, लाल रंग के लिए गुड़हल के फूलों से बनाया जाता था। हर रंग के लिए मेंहदी थी। लेकिन वक्त के साथ इनमें केमिकल की मिलावट होती गई। ये केमिकल मजा तो देते हैं लेकिन त्वचा और सेहत दोनों के लिए खतरनाक होते हैं। 

इन केमिकल्स से बनते हैं रंग

इन महंगे रगों में केमिकल तो मिला ही था साथ ही गहरे रंगो जैसे नांरगी, काला और हरे रंग के लिए कॉपर सल्फेट, लाल रंग के लिए मरकरी सल्फाईट और लेड ऑक्साइड का प्रयोग होता है। सिल्वर के लिए एल्यूमिनियम ब्रोमाइड, नीले के लिए पर्शियन ब्लू नाम के केमिकल प्रयोग में लाए जाते हैं। ये सभी रंग त्वचा को बेदह नुकसान पहुंचाते हैं।

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खेलने से पहले बरतें ये सावधानियां

  • इनसे बचने का सिर्फ एक ही तरीका है इन रंगों को खेलने से बचें।
  • अगर खेलना भी पड़े तो रंग खेलने से पहले पूरे शरीर और बालों में तेल लगा लें।
  • नाखूनों को नुकसान से बचाने के लिए नेल पेंट लगा लें।
  • सुरक्षित चश्में लगाकर ही होली खेले इससे आंखों को किसी भी तरह के नुकसान से बचे सकते हैं।
  • साथ ही अगर शरीर के किसी हिस्से में चोट लगी हो तो उसपर पहले ही बैंडेड लगा लें। 

रंग हटाने का ये है सबसे सुरक्षित तरीका

  • रंग खेलने के बाद 5 से 10 मिनट तक साफ पानी के नीचे खड़े रहें और त्वचा को रंगड़े नहीं।
  • रंग छुड़ाने के लिए हल्के माइल्ड साबुन का प्रयोग करें। 
  •  घर में ही नींबू, दही, चंगन पाउडर, हल्दी और थोड़ा सा आटे को मिक्स कर लें और इसे लगाकर रंगों का छुड़ाएं।

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