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Chhath Puja 2019: खरना के दिन बन रहा है शुभ संयोग, जानें महत्व

  • Updated on 11/1/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार (Bihar) और झारखण्ड (Jharkhand) का सबसे लोकप्रिय (Popular) पर्व (Festival) कल से प्रारंभ हो गया है। छठ पर्व (Chhath festival) के आज दूसरे दिन खरना पूजा (Kharna puja) मनाया जा रहा है। बता दें कि खरना पूजा की शाम को छठ व्रती महिलाएं छठ मैय्या को खीर (Kheer) और रोटी का प्रसाद चढाती है। इस प्रसाद का बहुत महत्व होता है। शाम का यह प्रसाद खाने के बाद से छठ व्रती  निर्जला व्रत में रहती है। 

छठ पूजा हर तरफ आस्था उपासना का रंग बाजारों में रौनक, पूजन सामग्री की दुकानें सजीं

खरना व्रत रखने की विधि

खरना का अर्थ शुद्धिकरण होता है। आज शाम के समय छठ व्रती स्नान कर नए मिट्टी के चुल्हे पर प्रसाद बनाती  है। प्रसाद तैयार करने के लिए आम की लकड़ी का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। प्रसाद में वे रोटी और खीर बनाती हैं। इसके अलावा  प्रसाद में केला भी रखा जाता है। छठ व्रती रोटी में घी भी लगाती है।

सूर्य भगवान का ध्यान करते हुए इस प्रसाद को बनाती है और प्रसाद ग्रहन करने के बाद से छठ व्रती का व्रत शुरू होता है। यह व्रत 36 घंटे के बाद सुबह वाले छठ के दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।  

छठ का प्रसाद बनाते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

इस बार खरना पर है यह शुभ संयोग

इस बार छठ पर्व पर रवि योग पड़ा है। यह योग कई शुभ संयोगो को लाता है। रवि योग का हमारे हिंदू संस्कृति में बहुत महत्व है। इस योग पर सूर्य देव की पूजा करने से विशेष कृपा मिलती है इसलिए छठ पर बना यह योग लोगों के लिए काफी शुभ है। यह लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि लाने में मदद करेगा जो इस बार के छठ को खास बनाता है।
 

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