Monday, Oct 02, 2023
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chhath puja 2022: chhath mahaparv from today with nahay-khay

chhath puja 2022: नहाय- खाय  के साथ आज से छठ महापर्व

  • Updated on 10/28/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले सूर्यदेव उपासना का महापर्व छठ पूजा का  शुभारंभ होने जा रहा है। आज राजधानी दिल्ली और देश के कोने- कोने में रहने वाले पूर्वांचल व बिहार के लोग नहाय-खाय के साथ ही इस महापर्व की शुरुआत करेंगे।

नहाय-खाय के बाद शनिवार को खरना है तथा 30 अक्तूबर को व्रती अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करेंगे, उसके अगले यानी कि पर्व के अंतिम दिन 31 अक्तूबर को उदयगामी (उगते सूर्य) को अर्घ्य देकर महापर्व छठ पूजा का समापन होगा। 

गौरतलब है कि पूर्वाचंल और बिहार वासियों द्वारा मनाए जाने वाला छठ पूजा सूर्य उपासना और छठी माता की अराधना का पर्व है। हिन्दू आस्था का यह एक ऐसा पर्व है, जिसमें मूर्ति पूजा शामिल नहीं है। इस पूजा में छठी मईया (रावणा माई) के लिए व्रत किया जाता है। यह व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। आज यह महापर्व देश ही नहीं विदेश में रहने वाले पूर्वांचल व बिहारवासी अन्य मनाते हैं।

राजधानी दिल्ली के कोने- कोने में छठ महापर्व महोत्सव का आयोजन किया जाता है। दिल्ली सरकार भी इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ महापर्व मनाया जाता है। छठ पर्व भारत के कुछ कठिन पर्वों में से एक है जो 4 दिनों तक चलता है। इस महापर्व में 36 घंटे निर्जला व्रत रख सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है।

यह व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए भी किया जाता है। महिलाओं के साथ पुरुष भी यह व्रत करते हैं। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय होता है, इसके बाद दूसरे दिन खरना और तीसरे दिन डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है।

चौथे दिन उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता के अनुसार, छठ पूजा और व्रत परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए रखा जाता है। चार दिन के इस व्रत पूजन के कुछ नियम बेहद कठिन होते हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख 36 घंटे का निर्जला व्रत है। महापर्व में व्रती के लिए कुछ कठिन नियम हैं, जैसे छोटे बच्चों से दूर पूजा का सामान रखा जाता है ताकि बच्चे उसे छू नहीं सकें। जब तक पूजा पूर्ण नहीं हो जाती है तब तक बच्चों व अन्य लोगों को प्रसाद नहीं खिलाया जाता है। 

घाट पर पूर्वांचल मोर्चा लगाएगा नमो टी स्टॉल 

दिल्ली में हर छठ घाट पर पूर्वांचल मोर्चा के लोग सफाई अभियान में लगेंगे और नमो टी स्टॉल चलाएंगे। भाजपा के प्रदेश पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने यह जानकारी छठ पूजा की तैयारियों को लेकर छठ समितियों के प्रमुखों की बैठक में दी।

बैठक में केजरीवाल सरकार के छठ पूजा पर लगाए गए प्रतिबंध को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा हटाए जाने पर धन्यवाद दिया गया। इस मौके पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्वांचल मोर्चा प्रदेश प्रभारी विपिन बिहारी सिंह, सह प्रभारी बृजेश राय, भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल बिहारी तिवारी, पूर्व मोर्चा अध्यक्ष विजय भगत एवं चंद्रिका ठाकुर सहित अन्य मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित थे।

किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन पर करें संपर्क

दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों द्वारा व्यापक और बड़े पैमाने पर मनाया जाने वाला छठ पर्व से संबंधित व्रतियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9569499922 जारी किया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा के मंत्री नीरज तिवारी ने बताया कि हेल्पलाइन पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है। बता दें कि छठ बिहार, यूपी, झारखंड सहित पूर्वांचल के लोग आस्था से करते हैं और दिल्ली में लगभग 35-40 प्रतिशत आबादी पूर्वांचलवासियों की है।

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