Tuesday, Oct 04, 2022
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chidambaram congress said army is training no scout training on agneepath plan

‘अग्निपथ’ योजना पर चिदंबरम बोले- सेना की ट्रेनिंग है, कोई ‘स्काउट’ का प्रशिक्षण नहीं

  • Updated on 6/16/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की नयी ‘‘अग्निपथ’’ योजना को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस योजना को रोकना चाहिए तथा सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेरोजगार युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनके संयम की ‘अग्निपरीक्षा’ नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न 2 साल से कोई सीधी भर्ती, न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान। देश के बेरोकागार युवाओं की आवाका सुनिए, इन्हें‘अग्निपथ’पर चला कर इनके संयम की‘अग्निपरीक्षा’मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी।’’ 

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पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह योजना विवादित है, इसमें कई जोखिम हैं और सैन्य बलों की पुरानी परिपाटी तथा तानेबाने को भंग करने वाली है। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिक बेहतर प्रशिक्षित होंगे और देश की रक्षा के लिए ज्यादा प्रेरित होंगे।’’ उन्होंने दावा किया कि छह महीने के प्रशिक्षण और 42 महीनों की लघुकालीन सेवा की जो व्यवस्था की गई है उससे सैन्य बलों की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और निपुणता प्रभावित होगी। चिदंबरम ने प्रशिक्षण की अवधि को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह सेना का प्रशिक्षण है, कोई ‘स्काउट’ का प्रशिक्षण नहीं है। 

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चिदंबरम के अनुसार, ‘‘कई प्रतिष्ठित रक्षा अधिकारियों ने इसका उल्लेख किया है कि एक सैनिक के लिए जरूरी है कि उसे अपनी यूनिट पर गर्व हो, उसमें देश के लिए बलिदान की भावना हो, जोखिम ले सके और नेतृत्व की क्षमता हो। डर है कि इस योजना के तहत ये सभी लक्ष्य पूरा नहीं होंगे।’’   उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सीमाओं की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि हमारे सैनिक सही ढंग से प्रशिक्षित हों, प्रेरित हो, खुश रहें, संतुष्ट रहें और अपने भविष्यय को लेकर आश्वस्त रहे। ‘अग्निपथ’ योजना से इनमें किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होती है।’’   

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  चिदंबरम ने कहा, ‘‘हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इस योजना को रोके और सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार विमर्श करे तथा गुणवत्ता, कार्यक्षमता और इससे जुड़ी आर्थिक स्थिति का निदान किया जाए।     कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट््वीट किया, ‘‘सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की आँखों में देशसेवा, मां-बाप की सेवा, घर परिवार और भविष्य के तमाम सपने होते हैं। नई सेना भर्ती योजना उन्हें क्या देगी? 4 साल बाद न हाथ में नौकरी की गारंटी, न पेंशन की सुविधा= नो रैंक, नो पेंशन। नरेंद्र मोदी जी युवाओं के सपनों को मत कुचलिए।’’      राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ‘अग्निपथ’ योजना को युवाओं के साथ धोखा करार देते हुए कहा कि इसे बिना-सोचे समझे लाया गया है जिससे सैन्य बलों की क्षमता भी प्रभावित होगी।  

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    उन्होंने कहा, ‘‘सरकार कह रही है कि ‘अग्निवीरों’ को चार साल के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भर्ती में वरीयता दी जाएगी। इस तरह से बहुत सारे के युवा अवसर से उपेक्षित रह जाएंगे।’’  उल्लेखनीय है कि सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए तीनों सेनाओं में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी। योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा। 

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