Friday, Oct 07, 2022
-->
chief economic advisor subramanian say disinvestment target on track amid corona crisis rkdsnt

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा- पौने दो लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य पटरी पर

  • Updated on 6/28/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा है कि एलआईसी और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) सहित सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य कंपनियों के विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य पटरी पर है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए जमीनी कार्य किया जा रहा है। 

राम मंदिर जमीन खरीद प्रकरण: चंपत राय समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे AAP सांसद 

 कोविड-19 महामारी पर मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि दूसरी लहर का असर पहली से कम है। फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक परिचर्चा सत्र को संबोधित करे हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि पिछले लगातार आठ माह से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है, जिससे पता चलता है कि उपभोग बढ़ रहा है। यह वृद्धि की दृष्टि से सकारात्मक है। 

 अखिलेश यादव का दावा- यूपी के अगले विधानसभा चुनाव में 350 सीट जीतेगी सपा  

सुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘इस साल काफी चीजों पर काम चल रहा है। इन लक्ष्यों को हासिल करने पर काफी जोर दिया जा रहा है। यह याद रखें कि 1.75 लाख करोड़ रुपये का एक बड़ा हिस्सा एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से आएगा। दूसरा बीपीसीएल का निजीकरण है। इन दोनों से ही विनिवेश लक्ष्य का एक बड़ा हिस्सा हासिल हो जाएगा। 

केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ओर वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इनमें दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तिाा एक बीमा कंपनी का विनिवेश शामिल है। 

यूरोपीय संघ की यात्रा में कोविशील्ड गतिरोध को लेकर अदार पूनावाला ने दी सफाई

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल को निजीकरण के लिए याद रखा जाएगा। अभी हमारे पास नौ माह बचे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि हम 1.75 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।’’ इससे पहले अपने संबोधन में सुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘सरकार द्वारा ‘मुफ्त’ लाभ पर खर्च किए जाने वाले प्रत्येक एक रुपये से अर्थव्यवस्था में योगदान मात्र 98 पैसे का रहता है। वहीं पूंजीगत खर्च पर प्रत्येक एक रुपया व्यय करने पर देश की अर्थव्यवस्था को 4.50 रुपये का योगदान मिलता है।’’  

comments

.
.
.
.
.