Tuesday, Dec 06, 2022
-->
chief justice raman concern over investigative journalism disappearing in indian media rkdsnt

प्रधान न्यायाधीश रमण ने भारतीय मीडिया में गायब हो रही खोजी पत्रकारिता पर जताई चिंता

  • Updated on 12/15/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण ने बुधवार को कहा कि भारतीय मीडिया के परिदृश्य से ‘‘खोजी पत्रकारिता’’ गायब हो रही है। उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा कि पहले समाचार पत्रों का उपयोग ‘स्कैंडल’ का खुलासा कर समाज में हलचल पैदा करने के लिए किया जाता था और आजकल शायद ही इस तरह की कोई विस्फोटक खबर पढऩे को मिलती है। 

पश्चिम बंगाल में पेगासस जांच पर राज्यपाल धनखड़ ने अधिसूचना सार्वजनिक करने को कहा

न्यायमूर्ति रमण ने कहा, ‘‘मैं मौजूदा समय की मीडिया के बारे में कुछ विचार साझा करने की आजादी ले रहा हूं। खोजी पत्रकारिता की अवधारणा मीडिया के परिदृश्य से दुर्भाग्य से गायब हो रही है। यह कम से कम भारतीय परिप्रेक्ष्य में सच है। ’’ 

लखीमपुर-खीरी हिंसा मामला : राहुल गांधी बोले- अजय मिश्रा को देना होगा इस्तीफा, जाना पड़ेगा जेल

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम बड़े हो रहे थे हम समाचार पत्रों द्वारा बड़े स्कैंडल का खुलासा करने के प्रति काफी उत्सुक रहते थे। समाचार पत्रों ने उन दिनों हमें कभी हताश नहीं किया। अतीत में हमने बड़े स्कैंडल और कदाचार पर समाचार पत्र की खबरों से उत्पन्न हुई हलचल से गंभीर परिणाम होते देखे हैं।’’

फोन टैपिंग मामला : IPS रश्मि शुक्ला के खिलाफ कोई सख्त कदम के लिए नोटिस दिया जाए: कोर्ट

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि व्यक्तियों और संस्थानों की सामूहिक नाकामी को मीडिया द्वारा उजागर किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मीडिया को प्रणाली में कमियों से लोगों को अवगत कराने की जरूरत है।  

हाई कोर्ट ने दी पंजीकृत और नई सोसाइटी का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की सलाह

 

comments

.
.
.
.
.