Monday, Jan 21, 2019

चीन ने रचा इतिहास, चांग E4 चंद्र रोवर ने चंद्रमा पर छोड़े पहले निशान

  • Updated on 1/4/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक चीनी चंद्र रोवर ने चंद्रमा के विमुख फलक पर सफलतापूर्वक उतरने के कुछ ही घंटों बाद पृथ्वी के उपग्रह के इस रहस्यमयी हिस्से पर पहली बार निशान छोड़े। चांग‘ई 4 यान ने चंद्रमा की दूसरी ओर की सतह पर बृहस्पतिवार को सफलतापूर्वक उतरकर इतिहास रच दिया था।

चांग‘ई 4 यान पृथ्वी से चंद्रमा की विमुख फलक पर पहुंचने वाला विश्व का पहला यान है। चांग‘ई 4 का नाम एक चीनी चंद्रमा देवी के नाम पर रखा गया है। इस यान में एक लैंडर और एक रोवर है। सरकारी संवाद समिति शिंहुआ ने कहा, ‘‘चंद्र रोवर युतु-2 या जेड रैबिट 2 ने लैंडर से सहजता से अलग होने के बाद चंद्रमा की दूसरी ओर की सतह पर बृहस्पतिवार रात किसी मानव यान से पहले ‘निशान’ छोड़े।’’

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रोवर ने बृहस्पतिवार को रात 10 बज कर 22 मिनट पर (स्थानीय समयानुसार) चंद्रमा की सतह को छुआ और कोमल, बर्फ सी सतह पर पहला निशान छोड़ा। रिपोर्ट में चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) के हवाले से कहा गया, ‘‘लैंडर पर कैमरे की मदद से यह प्रक्रिया रिकॉर्ड की गई और तस्वीरें रिले उपग्रह ‘क्वेकियाओ’ के जरिए पृथ्वी पर भेजी गईं।’’ सफल लैंडिंग के बाद विशेषज्ञों ने पृथ्वी एवं चंद्रमा के विमुख फलक के बीच संचार लिंक स्थापित करने के लिए मई 2018 में भेजे गए ‘क्वेकियाओ’ की स्थिति की जांच की। सीएनएसए ने एक बयान में कहा कि उन्होंने लैंडिंग क्षेत्र के पर्यावरणीय मापदंडों और यान के यंत्र की स्थिति के साथ साथ लैंडर और रोवर को अलग करने की तैयारियों के लिए सूर्य की रोशनी के कोण की भी जांच की।

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बीजिंग एयरोस्पेस कंट्रोल सेंटर ने बताया कि इसके बाद विशेषज्ञों ने ‘क्वेकियाओ’ के जरिए यान को अलग होने के आदेश भेजे। आदेश मिलने के बाद युतु-2 रोवर यान से अलग हुआ। वैश्विक स्तर पर इस तरह के पहले प्रक्षेपण की सफलता से अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की चीन की महत्वाकांक्षाओं को काफी बल मिला है। चांग‘ई-4 मिशन चंद्रमा के रहस्यमयी पक्ष का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। उल्लेखनीय है कि चंद्रमा का आगे वाला हिस्सा हमेशा धरती के सम्मुख होता है और वहा कई समतल क्षेत्र हैं। इस पर उतरना आसान होता है, लेकिन इसकी दूसरी ओर की सतह का क्षेत्र पहाड़ी और काफी ऊबड़-खाबड़ है।

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