Thursday, Apr 15, 2021
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china helping pakistan to target india conflict will increase in south asia prshnt

भारत पर निशाना साधने के लिए पाक की मदद कर रहा चीन, दक्षिण एशिया में और बढ़ेगा संघर्ष!

  • Updated on 12/18/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। चीन (China) दक्षिण एशिया में अपना दायरा बढ़ा रहा है, यहां उसकी भूमिका का क्षेत्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में अहम प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस (US Institute of Peace) नामक थिंकटैंक ने एक रिपोर्ट में इस बात को कहा है, उन्होंने कहा कि चीन इस क्षेत्र में भारत पर निशाना साधने के लिए पाकिस्तान की मदद कर रहा है। ऐसे में हिमालय से हिंद महासागर तक तनाव के चलते आगामी दशकों में चीन के कारण दक्षिण एशिया में संघर्ष और बढ़ सकता है।

अमेरिकी थिंकटैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीन की भागीदारी से क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना एक सफल नीति बनाने और अमेरिका के हितों एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अहम होगा। थिंकटैंक की रिपोर्ट एक द्विदलीय समूह ने तैयार की है जिसमें वरिष्ठ विशेषज्ञ, पूर्व नीति निर्माता और सेवानिवृत्त राजनयिक आदि शामिल हैं।

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एशिया में भारत की ताकत कम करने की कोशिश
रिपोर्ट चायनाज इंफ्लुएंस ऑन कॉन्फ्लिक्ट डायनामिक्स इन साउथ एशिया स्टेट्स में कहा गया है कि क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी से दक्षिण एशिया में स्थिति पहले ही बदलनी शुरू हो गई है। 

थिंकटैंक ने कहा, भारत-पाक विवाद में चीन ने तटस्थ रुख अपनाने की बजाय अधिकतर पाकिस्तान का ही साथ दिया है, ताकि एशिया में भारत की ताकत कम हो सके। खासकर गत वर्ष, चीन ने कश्मीर मामले में पाकिस्तान के लिए अपना समर्थन दोगुना कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार चीन-भारत सीमावर्ती इलाके आगे भी चर्चा का विषय बने रहेंगे। भारत और चीन के रिश्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे और एशिया की दो सबसे बड़ी ताकतें, पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए संघर्ष करेंगी। यह पाया गया कि अमेरिका और चीन दोनों ही दक्षिण एशिया को महत्वपूर्ण मानते हैं, हालांकि यह क्षेत्र दोनों की ही शीर्ष भू-राजनीतिक प्राथमिकता नहीं है। 

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विस्तारवादी नीतियों का विरोध
दक्षिण एशिया में चीन की विस्तारवादी नीतियों का विरोध कर रहे अमेरिका व ब्रिटेन आगामी दिनों में दस प्रमुख लोकतांत्रिक देशों का गठबंधन (डी-10) बनाने की योजना बना रहे हैं। इन देशों ने भारत को महत्व देते हुए जी-7 में शामिल करने के बाद डी-10 के जरिये इन देशों की कोशिश लोकतांत्रिक देशों को चीन के विरुद्ध एकजुट करने की तैयारी है क्योंकि चीन में लोकतंत्र नहीं है। बता दें कि अमेरिका-ब्रिटेन दोनों ही देश अपनी विदेश नीति में भारत को सर्वाधिक महत्व दे रहे हैं।

भारत-चीन सीमा समेत हांगकांग, ताइवान और दक्षिण सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर चिंता जताते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि भारत के साथ चीनी सैन्य गतिरोध में अमेरिका हर तरह से नई दिल्ली के साथ खड़ा है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बताया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत को सर्वाधिक हथियार आपूर्ति करने वाले देशों में अमेरिका ने दूसरे नंबर पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। अधिकारी ने कहा कि हम भारत के साथ हैं और तनावपूर्ण हालात को खत्म करने के लिए प्रयास में समर्थन दे रहे हैं।

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