Saturday, Jul 24, 2021
-->
china-pakistan-jointly-making-bio-weapon-since-2015-prsgnt

चीन-पाक के खुफिया मिशन का हुआ खुलासा, 5 साल से बना रहे खतरनाक जैविक हथियार, पढ़ें रिपोर्ट...

  • Updated on 8/26/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चीन और पाकिस्तान (China-Pakistan) को लेकर एक विदेशी मीडिया वेबसाइट से बड़ा खुलासा हुआ है। खबर है कि चीन और पाकिस्तान मिल कर दुनिया के खिलाफ मिलकर बड़ी साजिश की योजना बनाने में लगे हैं। 

एक तरफ दोनों ही सड़क निर्माण और इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने का दिखावा कर रहे है तो वहीँ दूसरी तरफ दोनों देश मिलकर जैविक हथियार (Bio Weapon)  बनाने में लगे हुए हैं। इस बारे में एक ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट द क्लाक्सोन (The klaxon.com) ने खुलासा किया है।

चीन से निपटने को तैयार भारत, बॉर्डर पर तैनात हुई इग्ला मिसाइल, जानें खासियत...

क्या है इस रिपोर्ट में 
इस रिपोर्ट में लिखा है कि चीन और पाकिस्तान ने पिछले ही महीने दुनिया से छुप कर आपस में तीन साल की एक डील की है। जिसके तहत चीन की वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जैविक हथियारों को बनाने का समझौता भी दोनों देशों के बीच हुआ है। 

इतना ही नहीं, इस खबर का सबसे बड़ा खुलासा ये है कि चीन की वुहान लैब पाकिस्तान के साथ मिलकर साल 2015 से ही खतरनाक बैक्टीरिया-वायरस पर प्रयोग कर रही है।

RSS के मुखपत्र के निशाने पर आए आमिर खान, लिखा- ड्रैगन का प्यारा खान....

कोरोना जैसी बीमारी पैदा की!
बताया जा रहा है कि जैविक हथियार तैयार करने के लिए पाकिस्तान और चीन के वैज्ञानिकों ने अब तक 5 स्टडीज की हैं। इन स्टडीज को कुछ साइंटिफिक पेपर्स में छापा भी गया है। इन अध्ययन में पशुजन्य रोग (Zoonotic Pathogens) की खोज और लक्षण के बारे में चर्चा की गई है। 

बता दें कि पशुजन्य रोग की वजह से कई संक्रामक बीमारियां होती हैं जो जानवरों से इंसानों में फैलती हैं। इसी श्रेणी की बीमारी कोरोना वायरस अभी देश में फैली हुई है।

कोरोना की New Research में हुआ खुलासा, इन पुराने मर्ज की दवाओं का भी होगा इस्तेमाल....

5 अध्ययनों में क्या है?
द क्लाक्सोन ने अपनी इस रिपोर्ट में बताया है कि चीन और पाकिस्तान के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इन पांचों स्टडीज में कई घातक और संक्रामक बीमारियों के जीनोम सिक्वेंसिंग के बारे में भी लिखा गया है। 

ये बीमारियां में वेस्ट नाइल वायरस (West Nile Virus), मर्स कोरोना वायरस (MERS-Coronavirus), क्रिमियन-कॉन्गो हेमोरेजिक फीवर वायरस (Crimean-Congo Hemorrhagic Fever Virus), द थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम वायरस (Thrombocytopenia Syndrome Virus) और चिकनगुनिया वायरस (Chikungunya Virus) हैं। 

चीन ने कीड़ों से बनाई कोरोना वैक्सीन, ह्यूमन ट्रायल को मिली मंजूरी

चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का सहयोग
एक रिसर्च में पाकिस्तान ने चीन की वुहान इंस्टीट्यूट का उसके सहयोग के लिए शुक्रिया कहा है और इसमें चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) से मिले सहयोग का भी जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट में ये भी लिखा गया है कि रिसर्च के लिए हजारों पाकिस्तानी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के ब्लड सैम्पल भी इक्कट्ठा किए गए हैं। 

खास बात ये हैं कि रिसर्च में शामिल ये लोग जानवरों के साथ काम करते थे। ये भी बताया जा रहा है कि इन बिमारियों का कोई इलाज नहीं है इसलिए ये बेहद घातक बीमारियां हैं।  

अफवाह नहीं, सच! कोमा में हैं उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन…

इतना ही नहीं, रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ है कि जैविक हथियारों के विकास, संचालन और प्रबंधन के लिए चीन के वुहान लैब में पाकिस्तानी वैज्ञानिकों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि ये भविष्य में जैविक हथियारों का जखीरा अपने देश में ही बना सकें।

यहां पढ़ें भारत-चीन विवाद से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.