Thursday, Jan 27, 2022
-->
china product boycott india china tension biz india china border dispute sobhnt

अगर चीन का करना है बहिष्कार तो खुद तैयार करना होगा सस्ता और टिकाऊ माल

  • Updated on 6/19/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चीन के साथ संघर्ष के साथ ही एक बार फिर से पूरे देश में चीनी सामान के बहिष्कार की मांग तेज हो गई है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह इतना आसान नहीं है। भारत आज चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गया है। उसका एक कारण चीन के माल का सस्ता होना भी है अगर हमें चीन को मात देनी है तो अपनी नीतियां बदलकर अपने यहां सस्ता और टिकाऊ माल तैयार करना होगा।  

चीन पर चौतरफा दवाब की तैयारी में भारत! रक्षा मंत्री रुस यात्रा के दौरान नहीं मिलेंगे चीनी नेताओं से

ईज ऑफ स्टाटिंग बिजनेस पर दें ध्यान
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस के अध्यक्ष का कहना है कि  हमें अपनी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिग के साथ ही ईज ऑफ स्टार्टिंग बिजनेस रैंकिंग पर ध्यान देना होगा। वह बताते हैं हमारे यहां किसी कंपनी को प्लांट लगाने के लिए कई तरह के क्लियरेंस लेने पड़ते हैं मगर चीन में ऐसा नहीं होता। वह कहते हैं भारत के श्रमिक चीन के मुकाबले सस्ते हैं मगर लेकिन फिर भी हमारे सामान की लागत ज्यादा आती है।  

भीषण गर्मी ने बढ़ाया लू का खतरा, उत्तर भारत में पारा पहुंचा 46 डिग्री पार

दवाओं के लिए 90 फीसद API चीन से आता है
वह कहते हैं आज भारत का दवा निर्माण करने के लिए 90 फीसद  एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इन्‍ग्रेडिएंट्स (API) का आयात चीन से होता है। इस पर रोक लगाने से भारत में दवाएं अचानक से महंगी हो जाएंगी। देश में टॉप 5 मोबाइल कंपनियों में से 4 चीन की हैं। 
 
अर्धसैनिक बलों पर टूटा कोरोना का कहर, अब तक इतने जवान हुए संक्रमित

यूरोपीय देशों से हो जाएगा सामान महंगा
कई लोगों को कहना है कि भारत जिन क्षेत्रों में भी चीन से आयात करता है अगर वह रोक दे और उसकी जगह यूरोपीय देशों से आयात करें तो हमें उसी सामान के ज्यादा पैसे देने पड़ेगे चीन का सामान अन्य देशों की तुलना में काफी सस्ता होता है। जिसकी वजह से हमारा लगाताक चीन के साथ व्यापार बढ़ रहा है।  
 

कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरों को यहां पढ़ें...

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.