Friday, Aug 07, 2020

Live Updates: Unlock 3- Day 7

Last Updated: Fri Aug 07 2020 08:33 PM

corona virus

Total Cases

2,057,816

Recovered

1,403,886

Deaths

42,026

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA479,779
  • TAMIL NADU285,024
  • ANDHRA PRADESH206,960
  • KARNATAKA158,254
  • NEW DELHI142,723
  • UTTAR PRADESH113,378
  • WEST BENGAL86,754
  • TELANGANA75,257
  • BIHAR71,794
  • GUJARAT67,811
  • ASSAM52,818
  • RAJASTHAN49,418
  • ODISHA42,550
  • HARYANA37,796
  • MADHYA PRADESH35,082
  • KERALA27,956
  • JAMMU & KASHMIR22,396
  • PUNJAB18,527
  • JHARKHAND14,070
  • CHHATTISGARH10,202
  • UTTARAKHAND7,800
  • GOA7,075
  • TRIPURA5,643
  • PUDUCHERRY3,982
  • MANIPUR3,018
  • HIMACHAL PRADESH2,879
  • NAGALAND2,405
  • ARUNACHAL PRADESH1,790
  • LADAKH1,534
  • DADRA AND NAGAR HAVELI1,327
  • CHANDIGARH1,206
  • MEGHALAYA937
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS928
  • DAMAN AND DIU694
  • SIKKIM688
  • MIZORAM505
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
Chinmayanand and Kuldeep Singh Sengar tainted BJP water on Yogi governments claim

चिन्मयानंद और कुलदीप सिंह सेंगर ने बीजेपी को किया दागदार, योगी सरकार के दावे पर फिरा पानी

  • Updated on 9/27/2019

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। कहते है कि चांद में भी दाग है। यह आज की बीजेपी पर पूरी तरह फिट बैठती है। उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जब अपने सरकार के 30 महीने पूरे होने पर बड़े-बड़े दावे करते फिर रहे है कि अब कानून व्यवस्था को लेकर उनके राज्य में हालात बदल गए है। सीएम ने पूर्ववर्ती सरकार के कानून व्यवस्था से तुलना करते हुए अपनी पीठ बहुत थपथपाई है। लेकिन उनके ही पार्टी के 2 वरिष्ठ नेता स्वामी चिन्मयानंद और कुलदीप सिंह सेंगर की कहानी ही योगी सरकार की पोल खोल दी है। 

युवाओं को रोजगार देने के लिए,‘स्टार्टअप एक्सप्रेस’ कार्यक्रम आयोजित करेगी उत्तर प्रदेश सरकार

बीजेपी की चमक कम कर दी है चिन्मयानंद और सेंगर जैसे नेताओं ने
यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि वो बीजेपी जो पार्टी के गठन से ही इस सिद्धांत पर चलने का दावा करती है कि चाल, चलन और चरित्र में अन्य दलों से कहीं अलग खड़ी है। बहुत ही आश्चर्य होता है कि स्वामी चिन्मयानंद न सिर्फ सांसद रहे है बल्कि देश के पूर्व गृह राज्य मंत्री भी रहे है। तो वहीं कुलदीप सिंह कल तक बीजेपी के विधायक रहे है। ऐसे नेताओं ने बीजेपी की चमक को जरुर फीकी कर दी है। जिसका असर योगी सरकार के जश्न पर भी पड़ा है। हालांकि बीजेपी ने जरुर अपना दामन साफ दिखाने के लिये बढ़ते दवाब के बाद कभी बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे चिन्यमानंद और कुलदीप सेंगर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन इतना ही काफी नहीं है।

UP: बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का 'लालटेन जुलूस'

देश के पूर्व गृह राज्य मंत्री रहे है चिन्मयानंद
क्योंकि यह किसी से छिपी नहीं है कि कल तक समाज के स्वामी रहे चिन्मयानंद की पैठ बीजेपी में किस कदर तक रही है। लेकिन ठहरिये- यह तो ताजा उदाहरण है। वैसे ही जैसे आप भारतीय रेल से सफर करते है तो आपको तत्काल टिकट लेना पड़ता है। जब आप देश की वर्तमान सबसे शक्तिशाली पार्टी बीजेपी का विश्लेषण किजीएगा तो कहीं न कहीं चिन्यमानंद और सेगर जैसे नेताओं की एक लंबी फैहरिस्त जरुर मिल जाएगी। जिन्होंने पहले भी पार्टी के सिद्धांतो को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है। 

OBC जातियों को SC में डालने का मायवती ने किया विरोध, कहा- CM ने की धोखाधड़ी

आज बीजेपी है सबसे सुरक्षित ठिकाना
जब बीजेपी कई राज्य और केंद्र की सत्ता में दोबारा वापसी की तो दूसरे दलों के अनेक नेताओं ने अपना सही और सुरक्षित ठिकाने के तौर पर बीजेपी जाना ही मुनासिब समझा। शायद उन्हें मोदी-शाह जैसे नेता अब अच्छे लगने लगे या फिर सीबीआई का डर सताने लगा है, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि बीजेपी पर जो आरोप लगता है कि अब यह पार्टी भी बहुत हद तक कांग्रेस के कल्चर को ही adopt करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है, कहना गलत नहीं होगा।  

प्रोफेसर के निलंबन निरस्त करने के मामले में महिला आयोग ने BHU से मांगी रिपोर्ट

बीजेपी को शुद्धिकरण से गुजरना होगा
जिसका जीता-जागता सबूत है चिन्मयानंद और सेंगर जैसे नेता जो कल तक बीजेपी के लिये वोट मांगते फिरते थे। अब समय आ गया है कि बीजेपी को खुद के शुद्धिकरण के लिये और अटल-आडवाणी के सिद्धांतो को बचाने के लिये पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को अनेक कदम उठाने होंगे। जिसकी शुरुआत कहां से करेंगे, यह उन्हें ही तय करना होगा। बीजेपी को अन्य दलों से अलग पहचान देने के लिये न सिर्फ राष्ट्रवाद का नारा ही काफी है बल्कि जमीनी हकीकत को भी ध्यान में रखना होगा। ताकि पार्टी की साख देश की जनता के सामने बची रहे। बीजेपी के नेता अक्सर कहते रहते है कि पार्टी 2050 तक केंद्र की सत्ता में रहेगी।

चिन्मयानंद मामले की पीड़िता की गिरफ्तारी पर बोलीं प्रियंका, 'वाह रे भाजपा का न्याय'

योगी की योजनाओं पर उठे सवाल 

यह तभी होगा जब उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य जहां योगी आदित्यनाथ जैसे सीएम जब बेटियों को बचाने के लिये एंटी रोमियो अभियान को बड़े पैमाने पर चलाया तो बहुत हद तक सफलता भी मिली। इसमें कोई दो राय नहीं है। उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात में भी सुधार हुए है। लेकिन चिन्मयानंद और कुलदीप सेंगर जैसे नेताओं ने आदित्यनाथ के अभियान और कानून को लेकर डर की धज्जियां ही उड़ा दी है। जिसे फिर से बहाल करने में योगी को भरसक प्रयास करने होंगे। साथ ही यह भी ध्यान देना होगा कि कानून सबके लिये बराबर है। इसका पालन अक्षरशः होनी चाहिये।

तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के हक में CM योगी का बड़ा फैसला, पेश की ये बड़ी योजना

आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर
यह नहीं चल सकता कि चिन्मयानंद को आरामदेह वातावरण मिले और पीड़िता को प्रताड़ित किया जाए। अगर पीड़िता ने चिन्मयानंद से 5 करोड़ की फिरौती की मांग की है तो अदालत सजा भी तय करेगी। लेकिन सरकार को कहीं से भी यह भाव जनता में नहीं देना चाहिये कि योगी आदित्यनाथ ने स्वामी चिन्मयानंद को बचाने के लिये SIT पर किसी तरह का दवाब बनाया है। कारण योगी आदित्यनाथ ने जो अपनी इमेज बनाई है उसमें न सिर्फ उत्तरप्रदेश बल्कि देश के करोड़ों जनता को विश्वास है कि वे एक न एक दिन राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में भी आएंगे। यूपी सरकार के मुखिया को यह विश्वास को बनाये रखना भी चुनौती है। अब देखना है कि सरकार के बचे हुए दिनों में योगी आदित्यनाथ का स्टैंड कैसा रहता है। जिस पर सबकी निगाह रहेगी।        

comments

.
.
.
.
.