Monday, Nov 30, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 29

Last Updated: Sun Nov 29 2020 09:59 PM

corona virus

Total Cases

9,428,477

Recovered

8,842,289

Deaths

137,121

  • INDIA9,428,477
  • MAHARASTRA1,820,059
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA882,608
  • TAMIL NADU779,046
  • KERALA599,601
  • NEW DELHI566,648
  • UTTAR PRADESH541,873
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA317,789
  • TELANGANA268,418
  • RAJASTHAN262,805
  • CHHATTISGARH234,725
  • BIHAR234,553
  • HARYANA230,713
  • ASSAM212,483
  • GUJARAT206,714
  • MADHYA PRADESH203,231
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB150,805
  • JAMMU & KASHMIR109,383
  • JHARKHAND104,940
  • UTTARAKHAND73,951
  • GOA45,389
  • HIMACHAL PRADESH38,977
  • PUDUCHERRY36,000
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,967
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,806
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,325
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
chirag do not break your knee to make jdu lame musrnt

जदयू को लंगड़ी लगाने में कहीं अपना घुटना न तुड़वा लें चिराग

  • Updated on 10/5/2020

नई दिल्ली/अकु श्रीवास्तव। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान का बिहार में एनडीए से अलग होने का फैसला उनकी अति महत्वकांक्षा का परिचय देता है। चिराग के पिता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान अस्पताल में हैं। ऐसे में इस निर्णय से चिराग ने दो जोखिम उठाए हैं। पहला यह कि उनका यह फैसला उन्हें एनडीए से दूर ले जाएगा और दूसरा कि इससे उनके अपना वोट बैंक भी कमजोर हो सकता है।

हालांकि, भाजपा के प्रति जुड़ाव का एक सूत्र उन्होंने यह कहते हुए कायम रखा है कि वे सिर्फ जदयू उम्मीदवारों के खिलाफ ही अपने उम्मीदवार उतारेंगे। चिराग पासवान को यह लगता है कि बिहार में एनडीए और नीतीश कुमार के साथ 20-22 सीटों पर चुनाव लड़ने से बेहतर है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा जाए। वहां उम्मीदवार खड़े किए जाएं। बीते दिनों उन्होंने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के नारे के साथ अपने वोट बैंक तक पहुंचने में कड़ी मेहनत की है। मगर बिहार की जातिगत राजनीति सिर्फ इस नारे और मेहनत से सफलता का आधार नहीं देती।

यह ठीक है कि बिहार में लोजपा के छह सांसद है। इसी आधार वह ज्यादा सीटें नीतीश कुमार से चाहते थे, लेकिन यह भूल गए कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनके सिर्फ दो ही विधायक जीत पाए थे। इस समय विपक्ष जिस तरह बंटा हुआ है उससे नीतीश के नेतृत्व में राज्य में एनडीए की राह कुछ आसान लग रही है। एलजीपी के इस फैसले से कई सीटों पर राजनीतिक लड़ाई रोचक हो जाएगी।

अब देखना है कि चिराग के फैसले से जदयू को कितना नुकसान होगा और वह इसकी कितनी भरपाई भाजपा पर दबाव डाल कर कर पाएगा। आज के फैसले के बाद नीतीश कुमार निश्चित रूप से ही नहीं चाहेंगे की केंद्रीय स्तर पर भी लोजपा के भाजपा से संबंध बने रहें। इसलिए भाजपा पर वह यह दबाव बनाने की कोशिश करेंगे कि या तो वह अगले दो दिनों में चिराग को मना ले या केंद्रीय स्तर पर उनसे संबंध तोड़ लें। 

बिहार की राजनीति में जातिगत गणित बहुत मायने रखता है। बिहार में कुल दलित वोट 16 प्रतिशत था, मगर पिछले दस साल में नीतीश कुमार ने महादलित का दर्जा बनाकर करीब दस फीसदी बड़े हिस्से को पासवान से अलग कर दिया। अब कुल मिलाकर पासवान की अपनी जाति का छह फीसदी वोट ही उनके खाते में नजर आता है। पिछले विधानसभा चुनाव में तो पांच फीसदी वोट ही लोजपा के हिस्से आए थे।

मुस्लिम-यादव का एमवाई समीकरण के 30 प्रतिशत वोट हैं और इसका बड़ा हिस्सा राजद के साथ है। इसमें से लोजपा को न पहले कुछ मिला है, न अब मिलने की उम्मीद है। पिछड़ावर्ग के 52 फीसदी वोट हैं इनमें 20 से 25 फीसदी तक नीतीश कुमार के साथ हैं, बाकी राजद और उपेंद्र कुशवाह की पार्टी रालोदसपा के खाते में हैं। राज्य में 20 प्रतिशत सवर्ण आबादी का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ और थोड़ा सा कांग्रेस के साथ दिखता रहा है। करीब 23 प्रतिशत का अतिपिछड़ा वोट में से बड़ा हिस्सा नीतीश कुमार को जाता है। 

आरजेडी के तेजस्वी यादव अगर मुकेश सैनी और कुशवाहा को संभाल लेते हैं (हालांकि यह आसान नहीं दिख रहा) तो भी लोजपा के लिए कोई नई संभावना नहीं दिखती। चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लडऩे से इनकार कर जदयू नेता को जो लंगड़ी लगाने की कोशिश की है, उससे उनकी अपनी राजनीति का घुटना टूटने का जोखिम काफी ज्यादा है। पांच प्रतिशत के करीब वोट से वह बहुत कुछ नहीं कर पाएंगे। हां, कुछ सीटों पर जदयू का खेल बिगाड़ सकते हैं। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.