Thursday, Jan 23, 2020
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उद्धव ठाकरे ने फिर बदला अपना रुख, कहा- राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल का करेंगे विरोध

  • Updated on 12/10/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शिवसेना (Shiv sena) ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (citizenship amendment bill 2019) को लेकर एक बार फिर से अपना रुख बदल लिया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के लोकसभा से पास हो जाने के बाद और राज्यसभा में पेश किए जाने से पहले कहा कि जो भी नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। उनको देशद्रोही मानना भ्रम है। केवल बीजेपी (BJP) ही देश का ध्यान रख सकती है ऐसा मानना भी भ्रम है। शरणार्थी कहां और किस प्रदेश में रखे जाएंगे यह सारी बाते स्पष्ठ होनी चाहिए।इसके अलावा इन लोगों को 25 साल तक वोट देने का अधिकार भी नहीं दिया जाना चाहिए। 

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लोकसभा में विधेयक हुआ पारित
लोकसभा (Loksabha) ने सोमवार को इस विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताडना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी-हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता (Indian citizenship) के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है। शिवसेना ने निचले सदन में विधेयक का समर्थन किया।    
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विधेयक पर हो चर्चा
ठाकरे ने यहां संवाददाताओं से कहा विधेयक पर विस्तृत चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस विधेयक को लागू करने से अधिक अर्थव्यवस्था (Economy) नौकरी (Job) संकट और बढ़ती महंगाई पर चिंतित होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें इस धारणा को बदलना होगा कि इस विधेयक और भाजपा का समर्थन करने वाले देशभक्त हैं और जो इसका विरोध कर रहे हैं वो राष्ट्र-द्रोही हैं। विधेयक को लेकर उठाए गए सभी मु्द्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। 
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अब अधिक प्याज मिलेगा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने उम्मीद जताई कि भारत में शरण मांगने वालों और इस विधेयक के दायरे में आने वालों को अब अधिक प्याज मिलेगा। ठाकरे ने कहा, भाजपा को लगता है कि जो कोई असहमत है, वह देशद्रोही है।’’    उन्होंने कहा कि शिवसेना ने जिन संशोधनों का सुझाव दिया है, उन्हें राज्यसभा (Rajyasabha) में पेश किए जाने वाले विधेयक में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा,  शरणार्थी कहां रुकेंगे... किस राज्य में। यह सबकुछ स्पष्ट होना चाहिए।’’   उन्होंने कहा, हमने कुछ सवाल उठाए हैं लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिए हैं। यह एक भ्रांति है कि सिर्फ भाजपा को देश का खयाल है।’’

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