Thursday, Aug 18, 2022
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clerics urge people to pray at home during holy month of ramzan kmbsnt

लॉकडाउन: रमजान में रोजा रखने और दुआ मांगने को लेकर शाही इमाम की सलाह

  • Updated on 4/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) को 03 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। वहीं 23 अप्रैल की रात से रमजान (Ramadan) का पाक महीन भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे में दिल्ली (Delhi) की फतेहपुरी मस्जिद (Fatehpuri Masjid) के इमाम मुफ्ति मुकर्रम ने भारतीय मुसलमानों से अपील की है कि वो घर पर ही रोज रखकर नामज अता करें। इस दौरान मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए न आएं। उन्होंने कहा है कि हमें घर पर रहना चाहिए और अपने आप को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का अभ्यास करना चाहिए। यदि हम घर पर रोजा रखते हैं और दुआ करते हैं, तो इसके साथ कोई समस्या नहीं है। 

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार भी रमजान के पवित्र महीने के दौरान भारतीय मुसलमानों से अपील कर चुकी है  कि लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों एवं सोशल डिस्टेंन्सिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करें। साथ ही इस दौरान अपने-अपने घरों पर ही इबादत एवं तराबी करें।

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मुख्तार अब्बास नकवी ने कही थी ये बात
इस बावत केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि धार्मिक-सामाजिक संगठन एवं धर्मगुरु यह सुनिश्चित करें कि रमजान के महीने में मस्जिदों एवं अन्य धार्मिक स्थलों की जगह लोग अपने-अपने घरों पर रमजान की धार्मिक जिम्मेदारियों को पूरा करें।  नकवी ने बताया कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल के माध्यम से सभी राज्य वक्फ बोर्डों को निर्देशित किया गया है कि रमजान के पवित्र महीने में लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करायें।

किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों के इकट्ठा होने से रोकने के प्रभावी उपाय करने होगें। सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों एवं लोगों को स्थानीय प्रशासन की इस कार्य में मदद लेनी एवं देनी चाहिए।

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सोशल डिस्टेंसिंग का गंभीरता से पालन
केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंन्सिंग का देश गम्भीरता से पालन कर रहा है। हमारी किसी भी तरह की लापरवाही हमारे परिवार-पूरे समाज और मुल्क के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। हमें करोना के कहर को शिकस्त देने की हर मुहिम, दिशा-निर्देशों का गम्भीरता और पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

बता दें कि राज्यों के वक्फ बोर्डों की रेगुलेटरी बॉडी (नियामक संस्था) सेंट्रल वक्क काउंसिल है। इसके चेयरमैन नकवी हैं। राज्यों के विभिन्न वक्फ बोर्डों के अंतरगर्त देश भर में 7 लाख से ज्यादा पंजीकृत मस्जिदें, ईदगाहें, इमामबाड़े, दरगाहें एवं अन्य धार्मिक संस्थान आते हैं।

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