Thursday, Jun 30, 2022
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Climate change is 30 times more likely to cause severe heat in India: Research

जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में भीषण गर्मी की संभावना 30 गुना ज्यादा : शोध

  • Updated on 5/25/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जलवायु संबंधी एक अध्ययन में दावा किया गया है कि भारत और पाकिस्तान में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी ने व्यापक मानवीय पीड़ा और वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति को प्रभावित किया तथा मानव जनित गतिविधियों के कारण इसके और अधिक तेज होने की संभावना 30 गुना अधिक है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि भारत में इस साल मार्च पिछले 122 साल के मुकाबले ज्यादा गर्म था।

ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन नहीं रोका गया तो वैश्विक तापमान वृद्धि रहेगी जारी : प्रो. कृष्णा अच्युता राव
यह अध्ययन वल्र्ड वेदर एट्रिब्यूशन समूह के कुल 29 शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। जिसमें भारत, पाकिस्तान, डेनमार्क, फ्रांस, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, स्विटजरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के विश्वविद्यालयों और मौसम विज्ञान एजेंसियों के वैज्ञानिक शामिल थे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के प्रो. कृष्णा अच्युता राव ने कहा कि जब तक समग्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को रोका नहीं जाएगा, तब तक वैश्विक तापमान में वृद्धि जारी रहेगी और इस तरह की घटनाएं बार-बार होंगी।

लू की स्थिति आने पर हुई बारिश की कमी से भारत में गेंहूं की पैदावार पर पड़ा असर 
वैज्ञानिकों ने पाया कि अगर वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, तो लू की स्थिति हर पांच साल में एक बार आने की संभावना होगी। शोधकर्ताओं ने कहा की लू की स्थिति के जल्दी आने और बारिश की कमी के कारण भारत में गेहूं की पैदावार पर असर पड़ा। परिणामस्वरूप सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतों में वृद्धि हुई।

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